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17 Oct 2018

'भगवान' बनने को तांत्रिक ने ली समाधि,पुलिस की सूझबूझ से बची तांत्रिक की जान : राजस्थान

भीलवाड़ा। अंधविश्वास के कई मामले आपने सुने होंगे, मगर राजस्थान के भीलवाड़ा में एक तांत्रिक ने जो किया वह जानकर दंग रह जाएंगे। तांत्रिक धीरज खरोल ने भगवान बनने के लिए 'समाधि' लेने की तैयारी की और खुद को जिंदा दफन कर लिया। घटना भीलवाड़ा के करोचो का खेड़ा गांव की है। तांत्रिक धीरज गांव के ही एक मंदिर में पिछले कुछ सालों से रह रहा था। धीरज ने कुछ दिनों पहले घोषणा की कि वह कुछ दिनों में समाधि लेगा और फिर भगवान बन जाएगा। उसने नवरात्र के पहले दिन मंदिर के करीब 'समाधि' लेने की तैयारी की। उत्साहित गांववालों ने मंदिर के पास ही एक गड्ढा खोदा और धार्मिक अनुष्ठान के बाद तांत्रिक के कहे मुताबिक उसे बुधवार शाम को जिंदा दफन कर दिया। आसपास के गांववाले भी 'समाधि स्थल' आए और मिट्टी डालकर पूजा-पाठ करने लगे। 
एसएचओ की सूझबूझ से बची तांत्रिक की जान 
धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई और इसका विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। आसिंद पुलिस स्टेशन के एसएचओ को जब इसके बारे में पता चला तो वह गुरुवार रात 2 बजे अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे, मगर गांववालों ने उन्हें अंदर जाने से रोक लिया। बाद में एसएचओ ने गांव के बुजुर्गों से बात कर उन्हें समझाया कि बिना हवा-पानी के तांत्रिक कुछ देर में मर जाएगा। एसएचओ बुजुर्गों को समझाने में कामयाब रहे, जिनके निर्देश पर गांववालों ने रास्ता छोड़ दिया और तांत्रिक को मिट्टी हटाकर गड्ढे से निकाल लिया गया। 
पुलिस ने तांत्रिक और गांववालों के खिलाफ दर्ज किया केस 
बाहर निकालने पर धीरज काफी हद तक बेहोश की हालत में था। पुलिस तांत्रिक को अस्पताल ले गई, मगर वहां भी गांववालों की भीड़ तांत्रिक का 'आशीर्वाद' लेने के लिए लगी रही। पुलिस ने तांत्रिक और गांववालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। तांत्रिक ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि यह पूरा उसी का प्लान था और इसके लिए और कोई जिम्मेदार नहीं है। हालांकि इतना सब होने के बाद भी वह इस बात पर कायम है कि वह समाधि लेकर 'भगवान' बनना चाहता है। 

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