Latest News

17 Oct 2018

आरोपों से घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का इस्तीफा : नई दिल्ली

नई दिल्ली। अनुचित व्यवहार और यौनशोषण के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम. जे. अकबर ने आखिरकार बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अकबर पर 20 महिलाओं ने अनुचित व्यहार या यौनशोषण का आरोप लगाया था। इससे पहले रविवार को अपने आधिकारिक विदेश दौरे से वतन वापसी पर अकबर ने बयान जारी कर आरोपों पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया था। अकबर ने आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में मानहानि का केस भी किया है। रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई है। रमानी ने ट्वीट कर लिखा, 'एक महिला होने के नाते मुझे एमजे अकबर के इस्तीफे से सुकून मिला है। मुझे उम्मीद है कि हमें अदालत में भी न्याय मिलेगा।' रविवार को स्वदेश लौटने के बाद अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोप को पूरी तरह से झूठ करार दिया था और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकारों में से एक प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था। हालांकि, रमानी के समर्थन में 20 महिला पत्रकार सामने आई गई हैं। ये सभी पत्रकार 'द एशियन एज' अखबार में काम कर चुकी हैं। अकबर की ओर से रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर इन महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उन्हें भी सुना जाए। 
अकबर ने बुधवार को मीडिया में बयान जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'चूंकि मैंने इंसाफ के लिए व्यक्तिगत स्तर पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है, इसलिए मुझे पद छोड़कर खुद पर लगे झूठे ओरोपों को चुनौती देना, वह भी व्यक्तिगत स्तर पर चुनौती देना उचित लगा। लिहाजा मैंने विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल से आभारी हूं कि उन्होंने मुझे देश की सेवा करने का मौका दिया।' 67 वर्षीय अकबर अंग्रेजी अखबार ‘एशियन एज’ के पूर्व संपादक हैं। सबसे पहले रमानी ने उनके खिलाफ आरोप लगाय था और बाद में धीरे-धीरे और 19 महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई थीं। इन महिला पत्रकारों ने उनके साथ काम किया था। अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं। 
अकबर का पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर 
दैनिक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ और पत्रिका ‘संडे’ के संस्थापक संपादक रहे अकबर 1989 में राजनीति में आने से पहले मीडिया में एक बड़ी हस्ती के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे। अकबर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अकबर जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री थे। 

No comments:

Post a Comment