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9 Oct 2018

कैदी ने कोर्ट में गर्दन पर रखा ब्लेड, कहा मैं यहीं आत्महत्या कर लूं : गाजियाबाद


गाजियाबाद। जेल से पेशी के लिए सोमवार को जिला जज की अदालत में लाए गए एक सजायाफ्ता कैदी ने अचानक ब्लेड निकाल कर अपनी गर्दन पर रख लिया। कैदी ने कहा कि मुझे जेल अधीक्षक से जान का खतरा है, ऐसे में क्यों न मैं यहीं आत्महत्या कर लूं। यह देख अदालत में हड़कंप मच गया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर इस मामले में दो दिन के अंदर जवाब देने को कहा है। लोनी क्षेत्र में रहने वाले सजायाफ्ता कैदी बंटी को हत्या के मामले में उम्रकैद सुनाई गई थी। वर्तमान में वह डासना जेल में सजा काट रहा है। उसके खिलाफ जिला जज की कोर्ट में हत्या का एक और मुकदमा विचाराधीन है। सोमवार को उसे जिला जज की कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान बंटी ने अपनी जेल से ब्लेड निकाल लिया और अपनी गर्दन पर रखकर आत्महत्या करने की धमकी दी। यह देख कोर्ट में मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग सन्न रह गए। जिला जज ने बंटी से पूछा कि ऐसा क्यूं कर रहे हो। इस पर बंटी ने कहा कि जेल अधीक्षक काफी दिनों से उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। मोबाइल रखने के नाम पर कुछ दिन पहले जेल अधीक्षक ने उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। कैदी ने कहा कि इसी समय जेल अधीक्षक को तलब किया जाए, अन्यथा वह यहीं जान दे देगा। हालांकि जिला जज के समझाने के बाद बंटी ने ब्लेड पुलिसकर्मी को दे दिया। 
जेल प्रशासन पर सवाल 
जिला जज ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि जेल में बंद कैदी के पास ब्लेड कहां से आया, यह मामला चिंतनीय है। जिला जज ने इस संबंध में जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की जांच दो दिन के अंदर करके कोर्ट को अवगत कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कोर्ट के कर्मचारियों को सख्त चेकिंग करने का आदेश दिया। उन्हों ने कहा कि बंदी का ब्लेड लेकर अंदर आना सुरक्षा की चूक को दर्शाता है। 

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