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24 Oct 2018

सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई एक घंटे की देरी’, घायल की हो गई मौत : नई दिल्ली

नई दिल्ली। राजधानी में घायल हालत में एक शख्स सड़क पर पड़ा था, लेकिन मौके पर पहुंची कैट्स ऐंबुलेंस, पीसीआर और थाना पुलिस इस बात पर एक घंटे बहस करती रही कि घायल को सड़क से उठाकर ऐंबुलेंस में रखने की जिम्मेदारी किसकी है। बताते हैं कि बाद में स्थानीय लोगों की मदद से घायल को ऐंबुलेंस में रखा गया। अस्पताल पहुंचने पर उसे मरा घोषित कर दिया गया। समय पर इलाज ना मिलने से घायल शख्स ने सड़क पर ही दम तोड़ दिया था। घटना रोहिणी के अलीपुर इलाके में सोमवार रात करीब 8 बजे की है। एक ट्रक ने बाइक सवार रोशन राय (21) को टक्कर मार दी थी। घायल रोशन करीब एक घंटे तक लहूलुहान सड़क पर पड़े रहे। मौके पर कैट्स ऐंबुलेंस, पीसीआर और थाना पुलिस ने इस बात पर झगड़ा शुरू कर दिया कि वे खून से लथपथ घायल को नहीं उठाएंगे। कैट्स ने माना कि घायल को अस्पताल ले जाने में एक घंटे डिले हुआ। हालांकि, पुलिस ने देरी की बात से इनकार किया। कैट्स ऐंबुलेंस के अधिकारी ने यह बात मानी है कि सड़क हादसे के शिकार रोशन राय को अस्पताल पहुंचाने में करीब एक घंटे की देरी हुई। उनकी शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। इसकी मुख्य वजह अभी पता नहीं चल पाई है। हालांकि, रोहिणी जिले की पुलिस ने इस मामले में बहुत देरी की बात से इनकार किया है। अलीपुर थाना इलाके के सिंघोला मार्बल रेड लाइट के पास सोमवार रात हादसा हुआ था। 
कैट्स ऐंबुलेंस के ऐडमिनिस्ट्रेटिव अफसर लक्ष्मण सिंह राणा ने बताया कि घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी की मुख्य वजहों का पता नहीं लग सका है। आखिर क्या वजह थी कि कैट्स ऐंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि रोड ऐक्सिडेंट के बाद किसी शख्स की मौके पर ही मौत हुई या नहीं यह बताने का काम डॉक्टरों का है। मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद पता लगेगा कि आखिर यह लापरवाही क्यों बरती गई।रोहिणी के डीसीपी रजनीश गर्ग का कहना है कि सड़क दुर्घटना के मामले में जब मौके पर कैट्स ऐंबुलेंस भी पहुंच जाती है तो आमतौर पर घायल को अस्पताल ले जाने का काम उनका ही रहता है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पुलिस इस काम को नहीं कर सकती। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस को कैट्स वालों ने बताया कि रोड ऐक्सिडेंट में घायल शख्स की मौत हो चुकी है, इसलिए अब लोकल पुलिस ही उसे अस्पताल लेकर जाए। बाद में जब पुलिस ने कैट्स वालों से बात की तो वे मान गए और घायल शख्स को अस्पताल लेकर गए। उन्होंने इस मामले में बहुत अधिक देरी होने की बात से इनकार किया है। डीसीपी (पीसीआर) एस. डी. मिश्रा ने बताया कि उनकी जानकारी में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन अगर इस तरह की कोई लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। निश्चित रूप से लापरवाही बरतने वाले पीसीआरकर्मियों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसवालों और कैट्स वालों से कहा गया कि घायल को अस्पताल पहुंचाओ। मगर, वे आपस में बहस करते रहे कि इसे ले जाने का काम उनका नहीं है। वे दोनों इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार बताते रहे। 

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