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28 Oct 2018

सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर 18 घंटे सड़क पर रखा, नहीं पहुंची डीएम : गाजियाबाद

मुरादनगर। थानाक्षेत्र के मिल्क रावली गांव निवासी सीआरपीएफ जवान पंकज चौधरी की मध्य प्रदेश के नीमच में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम पैतृक गांव लाया गया, लेकिन परिवारवालों ने शहीद का दर्जा और पोस्टमॉर्टम दोबारा कराने की मांग को लेकर 18 घंटे तक जवान का पार्थिव शरीर सड़क पर रखा। ग्रामीणों की मांग के बावजूद भी डीएम और एसएसपी मौके पर नहीं पहुंचे। सीआरपीएफ के डीआईजी और क्षेत्रीय विधायक ने केंद्रीय गृहमंत्री से बात कर ग्रामीणों को आश्वासन देने के बाद शनिवार दोपहर 2 बजे जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी।बता दें कि मिल्क रावली गांव निवासी पंकज सिंह मध्य प्रदेश के नीमच कस्बे में तैनात थे। 4 दिन पहले उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म लेने के बाद वह अपने घर छुट्टी पर आना चाहते थे, लेकिन अवकाश न मिलने के कारण वह अपने घर नहीं आ सके। परिवारवालों का कहना है कि 24 तारीख को देर रात तक पंकज सिंह ने अपनी पत्नी से वट्सऐप पर बात की थी और वह काफी खुश थे। 25 तारीख को सुबह परिवारवालों को सूचना मिली कि पंकज सिंह की मौत हो गई है। उनका आरोप है कि पंकज सिंह की मौत नहीं, बल्कि उसकी एक साजिश के तहत हत्या की गई है। विधायक अजीतपाल त्यागी ने परिवारवालों की दुखद बात सुनी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात कर जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं, पंकज सिंह की पत्नी को नौकरी, पेंशन और लगभग 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। एसडीएम मोदीनगर पवन अग्रवाल, एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार, एसपी ग्रामीण अरविंद कुमार मौर्या, सीओ सदर प्रभात कुमार सहित अनेक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

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