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9 Oct 2018

बुजुर्ग माता-पिता को गुजारा भत्ता न देने पर 1545 दिनों की जेल : गुजरात


अहमदाबाद। एक फैमिली कोर्ट ने 45 साल के कांतिभाई सोलंकी को 1545 दिनों की जेल की सजा सुनाई है। कांति पर आरोप है कि उन्होंने अपने माता-पिता को गुजारा भत्ता नहीं दिया। कांतिभाई सोलंकी जो कि एक सफाईकर्मी है और अहमदाबाद के वाल्ड सिटी इलाके में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते हैं लेकिन उन्होंने 2013 में कोर्ट के उस आदेश पर ध्यान नहीं दिया जिसमें उन्हें अपनी मां जशुमती बेन (68) और रनछोड़भाई सोलंकी (69) को गुजारा भत्ता देने को कहा गया था।अब कांतिभाई को अपनी मां को 24 महीने तक प्रति माह 900 रुपये न देने के लिए 735 दिनों की जेल और 30 महीने तक अपने पिता को इतनी ही राशि न देने के चलते 810 दिन जेल में काटने होंगे। दरअसल गुजारे भत्ते के लिए अपने दो बेटों और बहुओं के साथ लंबी बहस के बाद बुजुर्ग दंपती ने 2013 में फैमिली कोर्ट की मदद ली। 
2013 में कोर्ट ने उसके एक बेटे दहियाभाई को अपने अभिवावक को 900-900 रुपये हर महीने देने का आदेश दिया था जिसे उन्होंने बिना चूके भुगतान किया। कोर्ट ने कांतिभाई को यही राशि अपने माता-पिता को भुगतान करने का आदेश दिया जिस पर वह अक्सर चूक जाते थे और बाद में उन्होंने पैसे देने बंद कर दिए। 2015 में दंपती ने वकील वसीम अब्बासी के लिए भुगतान वाली राशि की रिकवरी के लिए सीआरपीसी की धारा 125(3) ऐप्लिकेशन दर्ज कराई। इस पर जब कोर्ट ने नोटिस भेजी तो कांतिभाई कोर्ट नहीं आए। इसके बाद इसी साल अप्रैल में कोर्ट ने गिरफ्तारी का आदेश दिया।अब्बासी ने बताया कि कोर्ट ने उसे नोटिस तो दे दी थी लेकिन पिछले 6 महीने से अरेस्ट वारेंट नहीं दिया गया था। आखिरकार जब उसके बेटे को गिरफ्तार किया जाना था तो कोर्ट के प्रिंसिपल जज एमजे पारेख ने उन्हें अपने पैरंट्स को 49 हजार रुपये न देने के लिए 1545 दिनों की जेल की सजा सुनाई। 

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