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5 Sep 2018

दवा से लदा ट्रक लूटने वाला डॉक्टर गैंग गिरफ्तार : गाजियाबाद


गाजियाबाद। दवाओं से भरी ट्रक को लूटने वाले डॉक्टर गैंग के 7 सदस्यों को एसएसपी की अल्फा टीम और भोजपुर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इस गैंग ने 13 अगस्त की रात को भोजपुर में दवाओं से लदे ट्रक को लूटा था। ट्रक में करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की दवाइयां थीं।एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि लूट का मास्टर माइंड बीईएमएस (बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी) डॉ. अनिल कुमार है। वह दिल्ली के मंडोली में रह कर क्लीनिक चलाता है। गैंग के अन्य सदस्य संजू, सुरेंद्र, ओमबीर, ऋषि, असलम और सोनू हैं। साथ ही इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है, जिनकी तलाश की जा रही है। बदमाशों के पास से 13 अगस्त की रात को लूटा गया पूरा माल और 100 कार्टून दवाएं और मिली हैं। जिसे बदमाशों ने गुड़गांव से चोरी किया था। इसके अलावा बदमाशों के पास से कार, कैंटर, ट्रक, 2 तमंचे और चाकू भी बरामद किए गए हैं।एसएसपी ने बताया कि गैंग ने पूरी प्लानिंग के साथ मेरठ के परतापुर से चले दवाओं से लदे ट्रक को लूटा था। इस पूरे मामले में डॉ. अनिल ने पूरी जानकारी दी। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों ने रेकी करने के बाद 13 अगस्त को ट्रक को फॉलो करना शुरू किया। शुरुआत से ही गैंग के दो सदस्य बाइक से ट्रक के पीछे चलते रहे और अन्य साथियों को इस बारे में जानकारी दे रहे थे। इसके बाद भोजपुर में ट्रक के पहुंचने के बाद बदमाशों ने कार से ट्रक को ओवरटेक किया और फिर तमंचे के बल पर ट्रक ड्राइवर और उसके साथी को बंधक बनाकर ट्रक लूट लिया। 
ट्रक को कब्जे में लेने के बाद उन्होंने ट्रक से दवाइयां को अनलोड कर अपने ट्रक में रखकर गाजियाबाद में विभिन्न स्थानों पर बने गोदाम में छुपा दिया। पुलिस ने अगले ही दिन ट्रक को राजनगर एक्सटेंशन से बरामद कर लिया था। इस लूट में करीब 11 लोग शामिल थे। इस मामले में अशोक, लल्लू और धर्म सिंह समेत कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार गैंग के बदमाश पूर्व में सरियों के ट्रक समेत अन्य सामान को लूटा करते थे, लेकिन कुछ समय पहले इनकी अनिल से मुलाकात हुई। इसके बाद गैंग के टारगेट पर दवाओं के ट्रक आ गए। इससे पहले गैंग ने दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर लूट की थी। हालांकि उस दौरान लूट की गई दवाइयों की कीमत इतनी अधिक नहीं थी। इस बार अधिक दवा होने के कारण गैंग उसे फौरन ठिकाने नहीं लगा पाया था। दवा से भरे ट्रक को लूटने के बाद दवाइयों को बेचने की जिम्मेदारी डॉ. अनिल के पास हुआ करती थी। पहले लूटे गए ट्रक में दवाइयां कम थीं। इस बार अधिक दवा होने के कारण गैंग उसे फौरन ठिकाने नहीं लगा पाया था। 
पुलिस ने बताया कि इस गैंग को बीते कुछ समय से डॉक्टर ही ऑपरेट कर रहा था। वही विभिन्न स्थानों पर कार्टून के हिसाब से दवाओं को बेचता था। इस दौरान डॉक्टर इस काम के 30 फीसदी और अन्य लोगों का हिस्सा 70 फीसदी होता था। पूछताछ में सामने आया कि 13 अगस्त को लूटे हुए माल का एक बड़ा हिस्सा गैंग हापुड़ में बेचने की प्लानिंग कर रहा था। 

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