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5 Sep 2018

थाने में तैनात महिला सिपाही की थाने में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत : बाँदा

मृतका नीतू शुक्ला 
मृतका के भाई ने थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह पर लगाया हत्या का आरोप 
बांदा। जनपद के कमासिन थाने में तैनात महिला सिपाही की मंगलवार को देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि महिला सिपाही ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है जबकि इस मामले में मृतका के भाई ने बुधवार को पोस्टमार्टम के दौरान थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। आरोपो को देखते हुये तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराकर वीडियोग्राफी करायी गयी है और थानाध्यक्ष प्रतिमा सिंह को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर दिया। घटना कमासिन थाना परिसर में मंगलवार शाम लगभग 7 बजे की है। जनपद कोशाम्बी की रहने वाली नीतू शुक्ला 14 मई 2017 से इस थाने में तैनात है और थाना परिसर में ही मिले क्वाटर में सहयोगी कांस्टेबिल नेहा शुक्ला के साथ रहती थी। मंगलवार की शाम लगभग 7 बजे कांस्टेबल नीतू शुक्ला का शव दुपट्टे के सहारे कमरे में लटका मिला। घटना की सूचना पाकर ज बुधवार को बांदा पहुंचे मृतका के भाई राघवेन्द्र शुक्ला ने बताया कि मेरी बहन ने आत्महत्या नही की बल्कि उसकी हत्या की गयी है। उसने आरोप लगाया कि मृतका के मुंह में दलिया और गले में दलिया लगा हुआ है। किचिन मे दलिया बिखरा पड़ा है और बहन के हाथ में चोट के निशान है व चेहरे की ठुड्डी व पीठ में भी चोट के निशान है। उसने बताया कि जिस कमरे में शव फांसी पर लटका था उसमें दो दरवाजे है। सामने वाला दरवाजा अंदर से बंद था। पीछे तरफ से दरवाजा खुला पाया गया जिससे स्पष्ट है कि मेरी बहन को हत्या करने के बाद फांसी पर लटकाया गया। उसने बताया कि थानाप्रभारी प्रतिमा सिंह ने मीडिया से बताया कि शाम को 6 बजे थाने में मीटिंग चल रही थी मीटिंग बीच में छोडकर नीतू चली गयी थी। वहीं मुझसे उन्होने कहा कि वह मीटिंग के समय कमरे में थी। इसलिये उनकी बातो में विरोधाभास नजर आ रहा है। भाई ने आशंका व्यक्त की है कि बहन जरूर कोई ऐसा राज जानती थी जिसके कारण उसे मौत की नींद सुला दिया गया। इधर पुलिस अधीक्षक एस आनन्द से इस बारे में जानकारी ली तो उन्होने बताया कि पूरे मामले की सही व निष्पक्ष जांच होगी। वास्तविकता क्या है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आ जायेगा। उन्होने कहा कि प्रथम दृष्टया इस मामले में थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह की जवाबदेही बनती है इसलिये उन्हे लाइनहाजिर कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सदर को सौंपी गयी है। पंचायत नामा मजिस्टेªट के द्वारा भरा गया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करायी गयी है और डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।घटनास्थल पर मिले सबूतों एवं महिला कांस्टेबल के शव पर मिले चोट के निशानों से मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।  मामला हाईलाइट होने की वजह से मीडिया और उच्चाधिकारी इस पर नजर बनाए हुए हैं। थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह के विरोधाभासी बयानों से सारा शक उन पर ही जाता है,अब देखना यह है की मृतका महिला सिपाही को न्याय मिलेगा या पुलिस प्रशासन इस मामले में लीपा-पोती कर घटना को आत्महत्या साबित कर  मामले को बंद कर देगी।मामला संदिग्ध है इसलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए एवं दोषी चाहे कोई भी हो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। 

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