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27 Sep 2018

खुले में शौच मुक्त की राह में रोड़ा बनीं अवैध कॉलोनियां : उत्तर प्रदेश

सांकेतिक तस्वीर
लखनऊ। सरकार ने मियाद तय की है कि वह 2 अक्टूबर तक सभी शहरी इलाकों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर देगी। हालांकि, शहरी इलाकों में बसी अवैध कॉलोनियां सरकार की योजना में पलीता लगाने को तैयार हैं। इन अवैध कॉलोनियों में न तो शहरी सुविधाएं हैं और न ही इनका कोई जिम्मेदार। कुछ जगहों पर सामुदायिक शौचालय बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश हुई लेकिन क्षेत्र में सीवर लाइन न होने से इनका इस्तेमाल गंदगी और बीमारियों को दावत ही देगा। नगर विकास और आवास विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कम से कम 2067 अवैध कॉलोनियां हैं, इनमें से 250 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां अकेले राजधानी में ही हैं। चूंकि इन अवैध कॉलोनियों में सुविधाओं की व्यवस्था करना किसी भी सरकारी महकमे की जिम्मेदारी नहीं रही इसलिए यहां पर मूलभूत सुविधाओं का विकास तक नहीं हुआ।इसके अलावा जब सरकार ने ओडीएफ घोषित करने की योजना तैयार की तो उसके पहले ऐसी कोई नीति भी अस्तित्व में नहीं आ सकी, जिसके तहत इन अवैध कॉलोनियों को रेग्यूलराइज किया जाता। ऐसे में इन इलाकों में सीवर लाइन न बिछने की वजह से यहां कुछ एक बने सामुदायिक शौचालय भी किसी इस्तेमाल में आने लायक नहीं हैं। अलबत्ता ज्यादातर इलाकों में तो शौचालय बनाए ही नहीं गए। 

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