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9 Aug 2018

मंडलायुक्त के शिविर कार्यालय मे मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न : कानपुर


आकाश मिश्रा,(कानपुर नगर)। मण्डलायुक्त के शिविर कार्यालय में मण्डलीय समीक्षा बैठक में  राजस्व कार्य वादों का निस्तारण एवं विकास कार्यक्रमों की गहन  समीक्षा मण्डलायुक्त  सुभाष चन्द शर्मा द्वारा की गयी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं मण्डलीय अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने के लिए निर्देशित किया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि गत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष में जुलाई माह तक स्टाम्प एवं निबन्धन में रु0 8 करोड़ अधिक, आबकारी में रु0 222 करोड़ अधिक, परिवहन विभाग से होने वाली आय में रु0 21 करोड़ अधिक एवं नगर निकाय के समस्त करों में रु0 18 करोड़ अधिक वसूल हुआ है। मण्डलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल कर में और अधिक वसूलने की जरूरत है। विद्युत देयकों की वसूली पर मण्डलायुक्त ने नराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि रु0 421 करोड़ का बैकलाग चिन्ता का विषय है। विभाग के उच्च अधिकारियों को रणनीति  बनाकर समयबद्ध ढंगसे अधिक से अधिक वसूली करनी है। जनपद इटावा, औरैया, कन्नौज एवं फर्रूखाबाद में लगभग 40 प्रतिशत लाइन हानि पर (विद्युत चोरी/ट्रांसमिशन हानि) पर  मण्डलायुक्त ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि इस पर नियंत्रण करते हुए न्यूनतम करने की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि 1 से बढ़ाकर 3 विजीलेन्स टीम बना ली गयीं हैं। प्रभावी कार्यवाही इसी माह से प्रारम्भ हो जायेगी।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के  दौरान पाया गया कि 4,27,067 खातेदारों को खतौनी का वितरण किया गया है। आम आदमी बीमा योजना से 6,65,248 लोगों का बीमा किया गया। इसी योजना के अन्तर्गत 13,649 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। सड़क निर्माण एवं अन्य सरकारी प्रयोजन हेतु भूमि अधिग्रहण के समस्त मामलों में परीक्षण करके किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा देकर प्रकरणों को निस्तारित किया जाये। अतिक्रमण के प्रकरण पर कड़ी नराजगी व्यक्त करते हुए मंडलायुक्त श्री शर्मा ने सिचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाण्डु नदी के किनारे अतिक्रमण यह दर्शाता कि विभागीय अधिकारी पूर्णतः उदासीन रहे। पुलिस एवं मजिस्ट्रेट उपलब्ध कराना प्रशासन का कार्य है। विभागीय अधिकारी अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए यथाशीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें। उन्होनें जोर देकर कहा कि किसी भी नदी/नाले के किनारे अतिक्रमण होना गम्भीर बात है। बाढ़ आने पर यहाँ रहने वाले लोग जब परेशानी से जूझते हैं, तब उत्पात मचाते हैं। कानून व्यवस्था की गम्भीर समस्या उत्पन्न होती है। पार्को से सब्जी मण्डी हटवायी जाय, इसके लिए नगर निगम एवं मण्डी परिषद प्रभावी कार्यवाही करे।
बाढ़ से हुए नुकसान का सही आंकलन करके भेजा जाय, यह निर्देश देते हुए मण्डलायुक्त श्री शर्मा ने कहा कि गरीब आदमी के नुकसान की भरपाई तो नहीं हो सकती, किन्तु कुछ हद तक उसे राहत दी जा सकती है, इसलिए सर्वे करने में ढिलाई कदापि न बरतें। आपदा राहत के लिए धन की कोई कमी नहीं है। वृक्षारोपण के सम्बन्ध में मण्डलायुक्त श्री शर्मा ने सभी को निर्देश देते हुए कहा कि अब मण्डल का लक्ष्य 60 लाख से बढ़ाकर 74 लाख कर दिया गया है, इस मौसम में लगातार वृक्षारोपण का कार्य होता रहे। 15 अगस्त के लिए सभी बड़े विभाग जिनके पास कार्यालयों में भूमि उपलब्ध है, रणनीति बनाकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि राजस्व विभाग के न्यायिक अधिकारी मात्र पेशकार की रिपोर्ट पर निर्भर न रहें। शत्-प्रतिशत वादों का कम्प्यूटराइजेशन करा लें। प्रशासनिक कार्यो के साथ-साथ वादों के निस्तारण में भी तेजी लायी जाय।
विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री शहरी व ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों के चयन पर सतर्कता बरती जाय। गत वर्ष के अधूरे 2200 आवासों को शीघ्र पूर्ण कराया जाय। अधिकतर योजनाओं में आॅन लाइन, आधार लिंक एवं बैंक खाते से लिंक होने के कारण किसी भी प्रकार की बहानेबाजी नहीं चलेगी। सभी अधिकारी सजगता बरतते हुए निष्ठा से कार्य करें। मण्डलायुक्त द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छ सर्वेक्षण, स्मार्ट सिटी, खाद्य एवं रसद आपूर्ति, प्राथमिकता शिक्षा के बच्चों को पाठ्यपुस्तकें एवं स्कूल ड्रेस आदि की समीक्षा की गयी। अमृत योजना की समीक्षा के दौरान लापरवाही के लिए इटावा जनपद के अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद का स्पष्टीकरण माॅगने का निर्देश मण्डलायुक्त द्वारा दिया गया। विदित हो कि अमृत योजनान्तर्गत जलापूर्ति, सीवरेज एवं जल निकासी के कार्य किये जाते हैं। यह योजना जनपद कानपुर नगर, इटावा एवं फर्रूखाबाद में संचालित है। जल निगम विभाग की कार्यप्रणाली पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि स्पष्ट कार्ययोजना के साथ लिखित रूप से अवगत करायें। कनवर्जन की धनराशि से लगभग 600 करोड़ के कार्य कानपुर नगर में होने हैं। सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि अपने जनपद में तैनात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ पाठ्यपुस्तकों, डेªस, जूते, मोजे आदि के वितरण की नियमित समीक्षा करें। 
मण्डलायुक्त ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों/सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त आश्रम पद्धति विद्यालयों एवं कस्तूरबा गाॅधी विद्यालयों का निरीक्षण करें। गाइड लाइन के अनुसार यह विद्यालय संचालित हों। बच्चों का विद्यालय परिसर से बाहर आना-जाना गाइड लाइन के अनुसार ही हो। बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के गड्ढों को भरकर मोटरेबुल बनाया जाय। जिलाधिकारी, कानपुर नगर श्री विजय विश्वास पंत ने बताया कि तेज बारिश एवं बाढ़ के कारण कई स्थानों पर सड़क पूर्णतः कट गयी है। ऐसी सभी स्थानों पर स्पन पाइप डालकर मोटरेबुल बनाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने पाण्डु नदी के अतिक्रमण पर चिन्ता प्रकट करते हुए कहा कि इससे कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो गयी थी।बैठक में मण्डल के सभी जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, समस्त अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), संयुक्त विकास आयुक्त श्री आर0के0सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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