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8 Aug 2018

पॉर्न देख बच्ची से रेप किया और मार डाला : गाजियाबाद


गाजियाबाद।  खोड़ा में पांच साल की मासूम की हत्या के आरोप में पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर में ही किराये पर रहने वाले कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक, आरोपित दीपक सिंह ने रेप के दौरान शोर मचाने पर बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव छिपा दिया। वारदात से पहले उसने शराब पी थी और पॉर्न देख रहा था। इसी दौरान बच्ची खेलते हुए उसके कमरे में घुस गई थी।एसएसपी ने बताया कि आरोपित मूल रूप से आगरा का रहने वाला है। वह डेढ़ साल से पीड़ित परिवार के यहां किरायेदार था। वह अपनी पत्नी और एक साल का बेटे के साथ रहता था। बच्ची अक्सर खेलते हुए उनके कमरे में चली जाती थी। वह आरोपी को चाचा और उसकी पत्नी को चाची बुलाती थी। घटना 2 अगस्त की है। दीपक की पत्नी बेटे के साथ अपने मायके मैनपुरी गई थी। रात करीब 8 बजे आरोपित ने अपने कमरे में शराब पी और पॉर्न देखने लगा। इसी बीच बच्ची रोज की तरह उसके पास चली गई। पुलिस का कहना है कि दीपक ने मासूम के साथ रेप किया और शोर मचाने पर उसकी हत्या कर दी।आरोपित ने हत्या के बाद बच्ची के शव को बोरे में डालकर सीढ़ियों के ऊपर बनी आलमारी में छिपा दिया। इसके बाद उसने खाना खाया और सो गया। रात करीब 11 बजे बच्ची को तलाशते हुए उसके पिता छत पर पहुंचे तो उन्होंने आरोपी को टोका भी था कि वह कमरे का दरवाजा बंदकर सोए। इसके बाद आसपास के घरों में बच्ची की तलाश हुई। परिवारवालों ने दीपक से भी उसके बारे में पूछा था। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपित उस रात पीड़ित परिवार के साथ खोड़ा थाने भी गया था।थाने से लौटने के बाद उसने शव को बगल की छत पर रख दिया। अगले दिन लाउडस्पीकर के जरिये बच्ची के लापता होने की जानकारी दी गई। इस दौरान भी दीपक मौजूद था। हालांकि परिवार के लोगों का कहना है कि वे लोग कई बार छत पर गए थे, लेकिन उन्हें लाश नहीं मिली। एसएसपी वैभव कृष्ण ने पुलिसलाइन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वारदात की पूरी जानकारी दी। 
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि वारदात के अगले दिन 3 अगस्त को दीपक दिल्ली चला गया था और पूरा दिन वहीं रहा। 4 अगस्त को उसके बेटे का पहला जन्मदिन था, लेकिन उसके पास मैनपुरी जाने के बजाय वह दिल्ली में कैब चला रहा था। जब उसे शव मिलने और हत्या में अपना नाम आने की जानकारी मिली तो वह बुलंदशहर चला गया। अखबार और समाचार चैनलों के जरिये वह घटनाक्रम पर नजर रखे हुए था। पुलिस दबिश की जानकारी मिलने पर वह फिर से दिल्ली में छिपने की फिराक में था। इसके लिए वह मंगलवार सुबह गाजियाबाद होते हुए दिल्ली जा रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई और उसे एनएच-24 के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची के ताऊ ने बताया कि 2 अगस्त को जब वे लोग खोड़ा थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मी सोए हुए थे। उन लोगों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। 4 अगस्त को शव मिलने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए 9 घंटे तक इंतजार कराया गया। आरोपित के कमरे में खून के धब्बे मिलने के बाद भी पुलिस ने जल्द ऐक्शन नहीं लिया।एसएसपी ने खून के धब्बे मिलने से इनकार किया है। साथ ही पोस्टमॉर्टम के लिए इंतजार कराने के मामले की जांच कराई जाएगी। परिवार का यह भी आरोप था कि आरोपित को अदालत ले जाते समय नरेश नाम के एक पुलिसकर्मी ने कमेंट किया कि यह जल्द छूट जाएगा। पीड़ित परिवार ने इस बारे में भी शिकायत की है। एसएसपी ने इसकी भी जांच कराने के लिए कहा है।वारदात का खुलासा करते हुए एक बारगी एसएसपी वैभव कृष्ण खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम अपनी तरफ से मजबूत पैरवी करेंगे। केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। आरोपित को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश होगी। यह सजा उन लोगों के लिए मिसाल बने, जो इस प्रकार की वारदात को अंजाम देते हैं या ऐसा सोचा भी है। पुलिस जब केस का खुलासा कर रही थी, उस समय मीडिया के साथ परिवार के लोग भी मौजूद थे। जैसे ही खोड़ा पुलिस आरोपित को लेकर पहुंची, बच्ची के परिवार ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझाया। 

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