Latest News

11 Aug 2018

स्वतंत्रता सेनानी व शहीद परिवारों को सरकार से शिकवा, स्वतंत्रता दिवस पर नहीं लेंगे सरकार से सम्मान : उत्तर प्रदेश

संजीव वर्मा

उत्तर प्रदेश। इंडियन फ्रीडम फाइटर एंड मार्टिर फेमिली एसोसिएशन ( भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद परिवार संगठन ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंजाब - अबोहर निवासी संजीव वर्मा ने संगठन में उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शर्मा जो संगठन के मीडिया प्रभारी हैं को अपने प्रेषित पत्र में कहा है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस पर पूरे भारत देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शहीदों के वंशजों द्वारा सरकारी कार्यक्रम समारोह मे सम्मानित होने नहीं जायेगा जो इन सभी परिवारों की एक जुट राय है । जिसकी वजह है कि इन परिवारों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कुछ ही परिवारों को बुलाया जाता है वो भी सिर्फ नाम के लिये और खानापूर्ति के लिये । इन क्रांतिकारी परिवारों के सदस्य किसी नेता , राजनेता व अधिकारियों के पास अपनी पीड़ा लेकर जाने पर नेताओं व अधिकारियों द्वारा उन्हें दुत्कारा जाता है । सरकारी नौकरी मे आरक्षण सिर्फ खानापूर्ति के लिये दिया जाता है । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व शहीद परिवारों द्वारा कई उचित मांगो पर सरकार बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है न ही कोई उचित लाभ दे रही है । न सरकार में मनोनीत करके उन्हे सरकार में भागीदारी करने हेतु सम्मान दिया जा रहा है । जो इन परिवारों का अपमान है । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी / क्रांतिकारियों और शहीदों के परिवार अत्यंत दयनीय स्थिति मे जीवन गुजार रहे हैं पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा जो अत्यंत कष्ट का विषय है । इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व शहीद परिवार सरकार के कार्यक्रम - समारोह मे उपस्थित नहीं होंगे न सरकार से सम्मान लेंगे । संजीव वर्मा , महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी / क्रांतिकारी एवं लाला लाजपत राय एंव महात्मा गांधी के साथी स्व. चांदी राम वर्मा प्रथम विधायक / मंत्री के पौत्र हैं। पूरे देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व शहीद परिवारों को एक सूत्र में पिरोकर पूर्वजों के बलिदानी स्मरण हेतु तत्पर हैं । दिन रात चौबीस घंटे इन परिवारों की मदद हेतु तैयार रहते हैं। इन सभी परिवारों को संजीव वर्मा पर गर्व है।

1 comment:

  1. ਇਹ ਇਕ ਚੰਗੀ ਗਲ ਹੈ ਕਿ ਅਸੀਂ ਸਬ ਵਾਰਿਸ ਫ੍ਰੀਡਮ ਫਾਇਟਰ ਪ੍ਰਵਾਰ ਇਕ ਜੁੱਟ ਹੋ ਸਾਰੇ ਭਾਰਤੀ ਫ੍ਰੀਡਮ ਫਾਇਟਰ ਪ੍ਰਵਾਰ ਇਕ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਸ੍ਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਕੰਨੀਂ ਆਵਾਜ਼ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਇਕ ਝੰਡੇ ਹੇਠ ਆਏ ਹਾਂ , ਸਾਡੇ ਵ੍ਹਡ ਵਡੇਰਿਆਂ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਕ੍ਰੂਰਬਾਨੀਆਂ ਦਿਤੀਆਂ , ਸਮਾਂ ਤੇ ਜਾਇਦਾਦਾਂ ਗਵਾਇਆਂ ,ਉਨਾ ਦੀ ਇਸ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਤੋਂ ਅਸੀਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਅਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਦਰਬਾਰ ਹੋ ਰਹਿ ਹਾਂ , ਅਸਾਨੂੰ ਹੱਕ ਲਈ ਹੰਭਲਾ ਮਾਰਨਾ ਹੀ ਪਵੇਗਾ ਸੋ ਆਵੋ ਤੇ ਸਾਡੀ ਸਾਂਝੀ ਤਾਕਤ ਬਣ ਅਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਸੁਤੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਕੰਨੀਂ ਪਾਈਏ ।

    ReplyDelete