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15 Aug 2018

पुलिस अफसरों पर गाज, एसपी हटाए गए, विभागीय जांच शुरू : देवरिया शेल्टर होम


देवरिया। देवरिया शेल्टर होम मामले में हाई कोर्ट की सख्ती के बीच योगी सरकार ने पुलिस अफसरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को देवरिया के वर्तमान एसपी रोहन पी. कनय को हटाते हुए उन्हें डीजीपी कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं देवरिया के पूर्व एसपी राकेश शंकर पर भी गाज गिरी है। शंकर का भी तबादला कर उनके खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू की गई है।देवरिया कांड में सीओ सदर दयाराम सिंह गौड़ पर भी कार्रवाई की गई है। सिंह का भी तबादला कर उनके खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा जिला प्रोबेशन अधिकारी के दर्ज कराए मुकदमे में लापरवाही और शिथिलता बरतने पर थाना प्रभारी और विवेचक भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। बता दें कि देवरिया बालिका गृह यौन शोषण मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडीजी गोरखपुर दावा शेरपा को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। एडीजी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।बता दें देवरिया शेल्टर होम केस में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एसआईटी जांच पर असंतोष जाहिर करते हुए कई सवाल उठाए थे। चीफ जस्टिस डीबी भोसले व जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस को शेल्टर होम के स्टाफ, पड़ोसियों, लड़कियों को लाने-ले जाने वाली कारों के ड्राइवरों का पता लगाकर बयान दर्ज करने चाहिए थे। 
हाई कोर्ट की सख्ती के बाद योगी सरकार ने पुलिस अफसरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक देवरिया एसपी पी कनय को पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। वहीं बस्ती में पुलिस उप महानिरीक्षक पद पर तैनात देवरिया के पूर्व एसपी राकेश शंकर को भी डीजीपी मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। 
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि आखिर यह जानने का प्रयास नहीं किया गया कि लड़कियां कहां और किस वीआईपी के पास जाती थीं? मीडिया में पीड़ितों की पहचान व नाम देने पर अदालत ने सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि मीडिया लड़कियों के नाम उजागर करेगा तो कोर्ट अवमानना की कार्रवाई करेगा। इस मामले में अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भवन सील कर दिया गया है। प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। कोर्ट ने पूछा कि ब्लैक लिस्टेड शेल्टर होम में लड़कियां भेजने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस पर गोयल ने बताया कि शेल्टर होम में 18 थानों से लड़कियां भेजी गई थीं। संबंधित थाना प्रभारियों के तबादले कर दिए गए हैं। अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ 48 घंटों के भीतर सख्त कार्रवाई की जाएगी।योगी सरकार ने देवरिया के एसपी रोहन पी. कनय को हटाने के साथ ही वहां नए एसपी की तैनाती कर दी है। अभी तक महोबा में तैनात पुलिस अधिकारी एन कोलांची को अब देवरिया का नया एसपी बनाया गया है। 

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