Latest News

8 Aug 2018

दिल्ली पुलिस ने डकैती और एएसआई पर फायरिंग मामले में शामिल 6 बदमाशों को किया गिरफ्तार : दिल्ली

टीम के साथ घटना में घायल एएसआई लोकेश शर्मा 
पुर्वी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर डकैती और एएसआई पर फायरिंग मामले में शामिल 6 बांग्लादेशी बदमाशों को अरेस्ट कर लिया है। आरोपियों की पहचान इस्लाम (32), इकराम उर्फ मकबूल (30), सोहेल (28), हारुन (46) अप्पन उर्फ सलीम (40) और सूत्तन शेख (29) के रूप में हुई। पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल, दो कारतूस, दो बड़े चाकू, दो मोबाइल, घर से लूटी गई जूलरी के अलावा घर के ताले आदि तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए। पुलिस इनके तीन अन्य साथियों की तलाश कर रही है।बदमाशों की धरपकड़ के लिए एसीपी शोभित डी.सक्सेना और राकेश दीक्षित की देखरेख में प्रीत विहार थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह, स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर विदेश सिंघल और एएटीएस के इंचार्ज डीपी सिंह की देखरेख में तीन टीमें बनाई गई। तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम को सबसे पहले वारदात में शामिल इकराम उर्फ मकबूल के बारे में पता चला कि इस समय वह कानपुर रेलवे स्टेशन पर देखा गया है। पुलिस की एक टीम को तुरंत कानपुर भेजा गया। पुलिस ने वहां से इकराम को अरेस्ट किया। उससे मिली जानकारी के आधार पर उसके दो अन्य साथियों इस्लाम और सोहेल को अरेस्ट किया। इनसे मिली जानकारी के आधार पर गैंग में शामिल बाकी तीन बदमाशों को गाजियाबाद से अरेस्ट किया गया। 
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि इकराम बचपन से मंडावली इलाके में रहा है। उसके पिता कबाड़ी का काम करते थे। उसे न केवल ईस्ट दिल्ली बल्कि पूरी दिल्ली के बारे में अच्छी खासी जानकारी है। इतना ही नहीं उसका दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी बदमाशों के अलावा बांग्लादेश में रहने वाले बदमाशों से भी अच्छा खासा संपर्क है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 5 जुलाई की रात बुजुर्ग बिजनेसमैन, उनकी पत्नी, मां के अलावा नौकर और गार्ड को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश ने पुलिस को यह भी बताया कि 26 जुलाई की रात वह अपने साथियों के साथ प्रीत विहार के जी ब्लॉक में दूसरी डकैती डालने गया था, लेकिन इससे पहले कि वह वारदात को अंजाम दे पाते पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इसी दौरान उन्होंने एएसआई को गोली मारी थी। पूछताछ में यह भी पता चला कि इसी गैंग ने केरल के अलावा बैंगलुरु में भी डकैती की कई वारदातों को अंजाम दिया। इकराम के पास दिल्ली के पते पर वोटर आईडी कार्ड के साथ-साथ आधार कार्ड भी है। इकराम को यह वोटर कार्ड बस 2000 रुपये में मिल गया था। इकराम का गैंग 1994 से दिल्ली में क्राइम कर रहा है। पुलिस रेकॉर्ड के मुताबिक यह गैंग 1994, 2002, 2005, 2009, 2017 और 2018 की कई लूट की वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार दिल्ली में करीब 4 लाख बांग्लादेशी रह रहे हैं। वे कोलकाता से ट्रेन के रास्ते दिल्ली आते हैं। 

No comments:

Post a Comment