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5 Aug 2018

11 आईपीएस अफसरों को ‘पीसमेकर वीरता पुरस्कार’ से किया गया सम्मानित : गाजियाबाद


गाजियाबाद। ऐसा पहली बार हुआ है, जब देशभर से 11 आईपीएस अफसरों को चुनकर उन्हें ‘पीसमेकर वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया हो। गाजियाबाद के रेडिसन ब्लू कौशांबी में हुए इस कार्यक्रम का आयोजन एक संस्था ने किया था और इसके मुख्य अतिथि जनरल डॉ. वी. के. सिंह (पूर्व सेनाध्यक्ष), विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार थे। इस अवसर पर पूर्व आईपीएस अधिकारी व उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह भी उपस्थित थे, जिन्हें मुख्य अतिथि ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया।समारोह के दौरान तमाम आईपीएस अधिकारियों व श्रोताओं को संबोधित करते हुए जनरल डॉ. वी. के. सिंह(पूर्व सेनाध्यक्ष) ने कहा कि आज भी हमारे देश में ब्रिटिश राज जैसी पुलिसिंग हो रही है, जिसे अब बदलने की जरूरत है। निर्भया कांड के बारे में शायद ही कोई न जनता हो। उस समय मैंने स्वयं देखा था कि सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इस घटना के विरोध में इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला था और उन निहत्थे लोगों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया। उस समय मुझे अहसास हुआ था कि आज भी 1947 से पहले वाली जैसी पुलिसिंग हो रही है, जो वर्तमान परिपेक्ष में कारगर नहीं है। बेहतर पुलिसिंग तभी संभव है, जब आम नागरिक बिना किसी डर व रुकावट के पुलिस अधिकारी तक अपनी समस्या ले जा सके और पुलिस की भाषा में मुधरता हो।वहीं प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिस की आलोचना तो सभी करते हैं, लेकिन इसके पीछे छुपे कारणों के बारे में कोई नहीं सोचता। अगर आपके इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और हर जगह शांति है तो कोई इसका श्रेय पुलिस को नहीं देता, लेकिन कुछ अप्रिय घटना हो जाए तो पुलिस को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बस इसी सोच को बदलने की जरूरत है और ऐसा तभी होगा, जब पुलिस रिफॉर्म में आने वाली अड़चनों को दूर किया जाएगा।

इसी कार्यक्रम के दौरान मीडिया संवाद का भी आयोजन किया गया, जिसमें  'सुरक्षा बलों पर उठते सवाल : मानवाधिकारों की फिक्र या राजनीति की नई चाल' विषय पर विभिन्न वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर कांग्रेस के युवा नेता शहज़ाद पूनावाला, डीडी न्यूज के वरिष्ठ संपादक व एंकर अशोक श्रीवास्वत, अवधेश कुमार, समीर अब्बास व कुमार राकेश मौजूद थे।पीसमेकर वीरता पुरस्कार-2018 का आयोजन करने वाली संस्था के प्रमुख संतोष कुमार ‘सरस’ ने बताया कि यह वीरता पुरस्कार हर साल दिया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए हर वह आईपीएस अधिकारी पात्र है, जो अपने नायाब पुलिसिंग से समाज सेवा के नए प्रतिमान गढ़े, अन्य जवानों के लिए प्रेरणादायी कार्य करे, जिसकी कर्तव्यपरायणता अन्य राष्ट्र रक्षकों के लिए मागदर्शक हो, जो एक टीम लीडर के रूप में अपने दल का नेतृत्व करे, जो शांतिप्रिय नागरिकों के जीवन में खलल डालने का कुत्सित प्रयास करने वाले अपराधियों का नाश करे, जिन्होंने भ्रष्टाचार के विरूद्ध बिगूल फूंका हो, जिसने किसी केस विशेष की जांच बिना किसी दवाब के अडिग रहकर की और उसे अंजाम तक पहुंचाया, जिसने अपने समाजिक पुलिसिंग से समाज के सभी संप्रदायों के बीच सौहार्द एवं भाईचारे का प्रवाह किया, जिसने नक्सलियों पर नकेल कसी, जिसने देश के आर्थिक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जिसने चंबल के डकैतों से लोहा लिया, जिसने साइबर क्राइम करने वालों का जीना मुश्किल कर दिया हो यानि हर उस वर्दीधारी को 'पीसमेकर वीरता पुरस्कार' दिया जाएगा, जो देश के मूल सिद्धान्त शांतिपूर्ण सह अस्तित्व को स्थापित करने में महति भूमिका निभाई।
पीसमेकर बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित राष्ट्र रक्षक
1. श्री उमेश मिश्र, एडीजी, एसटीएफ एसओजी, राजस्थान
2. श्री राॅबिन हिबु, जॉइंट सीपी, राष्ट्रपति भवन सुरक्षा, नई दिल्ली
3. श्री अनिल किशोर यादव, आईजी, बिहार
4. श्री मनोज कुमार वर्मा, आईजी, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
5. श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, डीआईजी इंदौर, मध्यप्रदेश
6. श्री मनु महाराज, एसएसपी पटना, बिहार
7. श्री पंकज चौधरी, एसपी एससीआरबी, जयपुर, राजस्थान
8. श्री शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल, एसपी पाकुड़, झारखंड
9. श्री आकाश तोमर, एसपी सिटी, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश्
10.मो. इकबाल, कमांडेंट सीआरपीएफ, बांदीपुरा, जम्मू-कश्मीर
11.  कमांडो सोहन सिंह, राजस्थान पुलिस

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