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5 Jul 2018

अगली सुबह के नाश्ते की थी पूरी तैयारी, नहीं जानते थे हो जाएगी मौत : बुराड़ी कांड


नई दिल्ली। बुराड़ी सामूहिक मौत मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सभी संकेत यही इशारा कर रहे हैं कि तंत्र-मंत्र और आत्मा के चक्कर में घर में मौजूद सभी 11 लोगों ने आत्महत्या कर ली, लेकिन सवाल यह उठता है कि किन वजहों से शुरुआत में पुलिस इसे सामूहिक हत्या का मामला मान रही थी। क्राइम ब्रांच की पहली जो टीम उस घर में पहले दिन दाखिल हुई थी, वह टीम खुद 11 मौतों के इस मामले को हत्या मान रही थी, क्योंकि जब टीम के एक सदस्य ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया और रसोई में देखा तो रसोई में सुबह के नाश्ते की तैयारी की हुई थी, एक बर्तन में चने भिगोकर रखे गए थे। एक बर्तन में दही जमाकर रखी गई थी। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए होगा क्योंकि परिवार को यह नहीं मालूम था कि उनकी मौत हो जाएगी क्योंकि रजिस्टर के मुताबिक वे परमात्मा से मिलकर वापस आने वाले थे। 
बाद में घर से बरामद हुए रजिस्टर और डायरियां यही संकेत दे देने लगे कि मामला कुछ और है। लगातार नई बातों के बीच बुधवार को एक और सीसीटीवी फुटेज से अलग खुलासा हुआ। भाटिया परिवार की दो महिलाएं प्रियंका और नीतू घर के अंदर लकड़ी के स्टूल ले जाते दिख रही हैं।पुलिस का कहना है कि घर में पहले से प्लास्टिक के स्टूल थे, जो कमजोर होते हैं, इसलिए बाहर से लकड़ी के स्टूल लाए गए थे। अब पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि आखिर नीतू और प्रियंका ये स्टूल कहां से लाईं। क्राइम ब्रांच ने घर का डीवीआर ले लिया है। उधर डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों की मानें तो 'आत्मा' के आने जैसी कोई चीज नहीं होती, बल्कि ललित जिन अवस्थाओं से गुजर रहे थे वह एक तरह का मनोरोग है। इस तरह का मनोरोगी कमांड देता है और उसकी विचार शक्ति केंद्रित हो जाती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसा मनोरोगी कमांड देता है और उसके फॉलोअर्स उसकी बातें मानने को मजबूर हो जाते हैं। 

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