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11 Jul 2018

शराबबंदी कानून में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी : बिहार


पटना। नीतीश कुमार की बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। बुधवार को कैबिनेट ने इसमें कई बदलाव किए और राज्य सरकार विधानसभा के मॉनसून सत्र में इसे पास कराएगी। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू कर दिया था। हालांकि पिछले महीने ही नीतीश ने इस कानून में संशोधन के संकेत दिए थे। बिहार प्रदेश कैबिनेट सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा, 'बिहार सरकार की तरफ से विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र में शराबबंदी कानून में कुछ संशोधन प्रस्तुत किया जाएगा।' कानून में किए गए बदलाव के अनुसार शराब मिलने पर सजा को नरम किया गया है। उस नियम को समाप्त कर दिया जाएगा, जिसके तहत जिस मकान में मिलेगा उसे जब्त करने का प्रावधान था। साथ ही परिवार के बाकी सदस्यों की जिम्मेदारी को नरम किया गया है। 
संशोधन के तहत अब शराब मिलने पर घर, वाहन और खेत जब्त करने के प्रावधानों में नरमी बरती गई है। इस संशोधन में शराबबंदी कानून के तहत सामूहिक जुर्माने को खत्म करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिल गई है। बता दें कि नीतीश कुमार ने आबकारी ऐक्ट के दुरुपयोग की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कानून में बदलाव का संकेत दिया था। पिछले महीने नीतीश ने कहा था कि, 'अगर आप मुझसे पूछते हैं कि क्या हमें इस कानून में संशोधन करना चाहिए, तो मेरा जवाब हां है। हालांकि मैं अभी विस्तार से यह नहीं बता सकता कि हमारे कानूनी विशेषज्ञों ने बदलाव के लिए क्या काम किया है। 2 अक्टूबर 2016 को जब हमने नया आबकारी कानून लागू किया था, तो यह कहा गया था कि इसके कुछ प्रावधान काफी सख्त हैं। इसके बाद से हम ऐक्ट के दुरुपयोग की शिकायतें सुन रहे हैं।'
। बिहार के सीएम ने आगे कहा, 'हमारा इरादा इस ऐक्ट में यथोचित संशोधन का है और हमने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिस पर अभी सुनवाई होनी है। हमें बताया गया है कि कानून के गलत इस्तेमाल को कम से कम करने के लिए बदलाव लाया जा सकता है। यह काम हम करेंगे। लेकिन शराब पर रोक जारी रहेगी। लोगों को अभी पता नहीं है कि इसका उनके जीवन खास तौर पर गरीब लोगों के जीवन पर कितना असर पड़ रहा है।' 

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