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14 Jun 2018

यूं खुली दाती महाराज की 'पोल', बोले- न भागा हूं, न भागूंगा : नई दिल्ली


नई दिल्ली। रेप और कुकर्म जैसे संगीन आरोपों से घिरे दाती महाराज उर्फ मदन लाल राजस्थानी ने अपने बचाव में ऑडियो-विडियो क्लिप के साथ पीड़िता का एक ‘शपथ पत्र’ सार्वजनिक किया है। अब यह शपत्र पत्र भी सवालों के घेरे में है। इनकी पड़ताल करते हुए कई चौंकाने वाली बातें दिखीं। शपथ पत्र के 11वें पैरे से शपथ पत्र शक के दायरे में आ गया है। वहीं बुधवार शाम को एनबीटी को फोन करके दाती महाराज ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली आएंगे और जांच में सहयोग करेंगे। दूसरी ओर पीड़िता के वकील प्रदीप तिवारी का कहना है कि सभी डॉक्युमेंट काफी पहले दाती महाराज ने आश्रम में लड़की से जबरन साइन करवाए थे।एनबीटी ने शपथ पत्र को गौर से पढ़ा तो ऐसा लगा कि उसे मनमाने तरीके से कुछ जगहों पर पेन से भरा गया है। कुछ स्थानों पर छेड़छाड़ की गई है। दाती महाराज की ओर से भेजा गया 3 पेज का यह शपथ पत्र टाइप किया हुआ है। लेकिन कुछ जगहों पर खाली जगह छोड़ी गई है। वहां ब्लू पेन से पीड़िता का नाम, पता, खासतौर पर तारीख लिखी गई है। शपत्र पत्र में 11 पॉइंट देते हुए मजमून के शुरुआत में जहां पेन से 2006 लिखकर पीड़िता के हवाले से कबूलनामा दिखाया गया है कि वह स्वेच्छा से दाती महाराज की शरण में आई, वहीं आखिरी 11 वें पैरे में जो लिखा है उससे शपथ पत्र शक के दायरे में आ गया। 
उसमें टाइप किए गए मैटर में लिखा है कि.. ‘मैं निजी कारणों से यह कर रही हूं। इसमें किसी भी प्रकार का छल, प्रलोभन, बल, प्रयोग, उत्पीड़न इत्यादि नहीं है। मैं वचन देती हूं कि मैं दाती महाराज की किसी प्रकार की निंदा नही करूंगी। किसी भी प्रकार का उपहास नहीं करूंगी। क्योंकि यहां मैंने ऐसा कुछ भी निंदा या उपहास आदि के लायक नहीं पाया है। यदि मैं ऐसा कुछ करती हूं तो इसमें मेरा निजी स्वार्थ ही होगा तथा दाती महाराज अथवा संस्थान मेरे ऊपर उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। आज के बाद मैं किसी अनुचित, अमानवीय अथवा गलत आचरणों के लिए स्वयं जिम्मेदार होऊंगी’..। टाइप किये गए मैटर में पीड़िता के कथित साइन और अंगूठा निशानी होने का दावा किया गया। क्या ऐसे शपथ पत्र वहां सभी से भरवाएं जाते रहे हैं? इसके जवाब में आश्रम की तरफ से तर्क दिया गया है कि पहले तो इस तरह के शपथ पत्र नहीं लिए जाते थे, लेकिन आसाराम प्रकरण के बाद शपथ पत्र लेने लगे। मामले में पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपी बाबा ने अपनी करतूतों के खुलासे के डर से उन्हीं दिनों में डरा धमकाकर कई पेपर्स पर लड़की से साइन करवाए थे। एक बार जब कुछ पेज पढ़ने की कोशिश की तो आरोपी बाबा ने कई थप्पड़ जड़े। 
वहीं बुधवार शाम को दाती महाराज ने कहा, 'मैं जल्द ही दिल्ली आऊंगा। मैं न भागा हूं न भागूंगा।' उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की भी बात कही। उन्होंने कहा, 'पिछले दो दिन से जो भी कुछ मैं अखबार और टीवी चैनल्स पर अपने बारे में पढ़ और सुन रहा हूं, उसे लेकर मैं यही कहना चाहता हूं कि मैं कहीं नहीं भाग रहा हूं। मैं सैकड़ों बेटियों का पिता हूं, उनके आसपास ही रहूंगा। जब भी मुझे अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा को मैं वहां हाजिर रहूंगा। अभी मुझे बहुत बेटियों की शादी करनी हैं।' आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 वर्षीय युवती के साथ बार-बार बलात्कार करने के आरोपी स्वयंभू बाबा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। जिला पुलिस से मामले की जांच बुधवार को ही क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। 

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