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19 Jun 2018

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने महबूबा से समर्थन लिया वापस : नई दिल्ली


नई दिल्ली। बीजेपी ने मंगलवार को सबको चौंकाते हुए जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार के साथ तीन साल पुरानी दोस्ती तोड़ते हुए समर्थन वापस ले लिया। बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले तक किसी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर पर कुछ ऐसा फैसला लेने वाली है। राजधानी दिल्ली में बीजेपी की कोर कमिटी की बैठक में पीडीपी सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया गया। बीजेपी चीफ अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के सभी बीजेपी नेताओं की राय जानी और फिर पार्टी ने सरकार से अलग होने का फैसला किया। बीजेपी महासचिव राम माधव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू बीजेपी के दूसरे नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समर्थन वापसी के फैसले का ठीकरा महबूबा मुफ्ती पर फोड़ा। बीजेपी नेताओं ने महबूबा पर आतंकवाद रोक पाने में असफल होने का आरोप लगाया। जानिए बीजेपी ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस लेते हुए क्या-क्या बड़े कारण गिनाए।
बीजेपी के चाणाक्य का बिलम्ब लिया गया उचित निर्णय है अब जेहादियो के खात्मे का समय आ गया है और पत्थरबाजो पर नकेल कसने की बारी है.पहले ही काफी नुकसान हो गया है।
- बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती राज्य में हालात नहीं संभाल पाईं। 
- रमजान के दौरान केंद्र सरकार ने शांति बहाल के लिए राज्य में सीजफायर किया था पर न तो आतंकवादियों और न हुर्रियत से अच्छा जवाब मिला। 
- बीजेपी ने राज्य के तीनों क्षेत्र के विकास के लिए कोशिश की। जम्मू, लद्दाख और कश्मीर क्षेत्र के समान विकास के लिए केंद्र ने पूरा सहयोग दिया पर राज्य सरकार द्वारा जम्मू क्षेत्र के साथ भेदभाव किया गया। 
- जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति के कारण पीडीपी-बीजेपी गठबंधन टूट रहा है। 
- श्रीनगर में एक बड़े पत्रकार की हत्या हो गई पर राज्य सरकार चुप रही। 
- राज्य में राज्यपाल शासन से हालात सुधर सकता है। बीजेपी इसकी मांग करती है। 
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद काफी बढ़ गया था। जम्मू-कश्मीर में स्थिति काफी खराब हो गई है। 
- पीडीपी ने बीजेपी और केंद्र सरकार के काम में अड़ंगा डालने की कोशिश की। 
- बीजेपी ने समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी है। 

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