Latest News

26 Jun 2018

तन्वी सेठ ने दी गलत जानकारी, रद्द हो सकता है पासपोर्ट : लखनऊ


लखनऊ। तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद मामले में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की जांच सामने आने के बाद अब उनका पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है। इसके साथ ही दंपती पर 5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। अगर पासपोर्ट रद्द होता है तो तन्वी को नए सिरे से गाजियाबाद से आवेदन करना होगा। इसके अलावा पासपोर्ट अधिकारी चाहें तो झूठी जानकारी देने पर उनके खिलाफ FIR भी दर्ज करवा सकते हैं। बता दें कि एलआईयू ने अपनी रिपोर्ट में पाया था कि पासपोर्ट के लिए दंपती ( तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी) ने झूठी जानकारी दी थी।मंगलवार को लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, 'हमारी जांच में सामने आया है कि तन्वी सेठ अपने बताए गए पते पर पिछले एक साल से नहीं रह रही थीं। हमने अपनी रिपोर्ट क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस को भेज दी है। आगे की जांच उन्हीं के द्वारा की जाएगी।'तन्वी सेठ ने पासपोर्ट अधीक्षक पर धर्म के नाम पर अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी ट्वीट किया था। दूसरी ओर, रीजनल पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में अंडरटेकिंग मांगने के दौरान अधीक्षक से कहासुनी होने की बात कही थी। इस मामले में उठे विवाद के बाद पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र का ट्रांसफर भी कर दिया गया था। 
पुलिस का कहना है कि तन्वी के कई नाम प्रयोग किए जाने की बात सामने आ रही थी। विदेश मंत्रालय ने भी उनके सत्यापन की जांच करने को कहा है, इसलिए फिर से दंपती के दस्तावेजों और उनकी जांच की गई। इस मामले में एलआईयू के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें तन्वी और अनस की जांच के लिए बीते शुक्रवार को पत्र मिला था। सीओ एलआईयू राधेश्याम ने बताया कि कि पत्र में कहा गया है कि दंपती के अस्थाई पते, अभी जहां वे रह रहे हैं उस पते दोनों का सत्यापन किया जाए। दोनों की जांच उसी तरह की गई जिस तरह दूसरे पासपोर्ट के आवेदनकर्ताओं की होती है।एलआईयू की जांच में खुलासा हुआ है कि तन्वी सेठ ने पासपोर्ट बनवाने के लिए विभाग को गलत जानकारी दी थी। उन्होंने लखनऊ में पासपोर्ट का आवेदन किया था और आवेदन में कहा था कि वह लखनऊ में ही रहती हैं। जांच में पता सामने आया कि तन्वी और उनके पति दोनों लखनऊ में नहीं बल्कि नोएडा में नौकरी करते हैं और वहीं रहते हैं। तन्वी की सीडीआर निकलवाई गई तो पता चला कि 14 जून से पहले उनकी लोकेशन नोएडा में ही थी। वह 14 जून को ही लखनऊ आई थीं और यहां 19 जून को उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। पासपोर्ट बनने के नियम में साफ है कि कुछ स्पेशल केस को छोड़कर पासपोर्ट उसी पते पर बन सकता है जहां पर आवेदनकर्ता छह महीने से रह रहा हो। जबकि तन्वी को यहां आए छह दिन भी नहीं हुए थे। वहीं उनके निकाहनामा में उनका नाम सादिया अनस है। इतना ही नहीं उनके दस्तावेजों में अलग-अलग नाम हैं।एलआईयू सीओ राधेश्याम ने बताया कि तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी मामले की जांच पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट लगभग तैयार है। मंगलवार शाम को यह रिपोर्ट एसएसपी दीपक कुमार को सौंप दी जाएगी। 

No comments:

Post a Comment