Latest News

24 Jun 2018

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों पर नहीं दिया ध्यान : आरुषि हत्याकांड


नई दिल्ली। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में 8 मार्च को दायर अपनी अपील में अपनी बात को फिर दोहराया है कि डॉक्टर राजेश तलवार ने ही अपनी बेटी आरुषि तलवार और घरेलू नौकर हेमराज की जलवायु विहार स्थित घर पर हत्या कर दी थी। जांच एजेंसी ने साथ ही दावा किया है कि सबूत तलवार तंपती के खिलाफ जाते हैं।सीबीआई की अपील की कॉपी हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को मिली है जिसमें कहा गया है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण परिस्थितिजन्य सबूत को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें चोट की प्रकृति, इंटरनेट राउटर ऐक्टिवटी, साउंड सिमूलेशन टेस्ट और घरेलू नौकर भारती और तलवार के दो दोस्तों- डॉक्टर राजीव वार्ष्णे और डॉक्टर रोहित कोचर के बयान शामिल हैं, जो कि डॉक्टर दंपती के अपराध को जाहिर करते हैं।बता दें कि जस्टिस बी.के.नारायण और जस्टिस ए.के.मिश्रा की पीठ ने सीबीआई के सबूतों को खारिज करते हुए राजेश और नुपुर तलवार 12 अक्टूबर, 2017 को बरी कर दिया था और कहा था। उधर, हाई कोर्ट के फैसले पर सीबीआई ने दलील दी है कि भारती का बयान इस बात का सबूत है कि उस रात घर में सिर्फ चार लोग थे, जब वह अगली सुबह उनके घर पहुंची, बाहरी गेट अंदर से बंद था। इसके बाद जलवायु विहार के सिक्यॉरिटी गार्ड वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उसने उस रात किसी को आते जाते नहीं देखा। 
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, 'जब कोई बाहर से आया ही नहीं तो फिर आईपीसी की धारा 106 के तहत हत्या का संदेह तलवार दंपती पर जाता है। हाई कोर्ट ने उस खास बात पर ध्यान नहीं दिया।' जांच एजेंसी ने कहा कि हाई कोर्ट ने कोचर और वार्ष्णे के सबूत को भी नहीं स्वीकारा जिन्होंने बताया था कि राजेश को छत की तरफ जा रही सीढ़ियों पर लगे खून के बारे में पता था और उन्होंने चाबी देने से इनकार कर दिया था।एजेंसी ने हाई कोर्ट के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें कहा गया था कि नोएडा जिला मैजिस्ट्रेट के स्टाफ ऑफिसर संजय चौहान प्लांट विटनेस था। चौहान ने दावा किया था कि वह 16 मई को सुबह की सैर के लिए निकला था। जब उसने बाहर पुलिस वैन देखा तो वह तलवार के आवास में गया और उसने फर्श और रेलिंग पर लगे खून के बारे में जानकारी दी। 
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसको खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई ने तलवार के आवास में संजय चौहान के जाने को साबित नहीं कर पाई। वहीं, मर्डर वेपन के बारे में सीबीआई ने दावा किया कि आरुषि और हेमराज को सिर में एक भोथरे चीज से मारा गया था, जब पिता ने उसे आपत्तिजनक हालत में देखा। इसके बाद दोनों की गर्दन धारदार हथियार यानी सर्जिकल ब्लेड से काटी गई, जो कि एक डॉक्टर के घर में आसानी से उपलब्ध होती है। एजेंसी ने कहा कि खुकरी से ऐसी चोट नहीं लग सकती। सीबीआई ने एक और महत्वपूर्ण परिस्थितिजन्य रिपोर्ट का जिक्र किया है जो कि उस घर के इंटरनेट राउटर की ऐक्टिविटी थी। एजेंसी ने कहा कि तलवार परिवार पूरी रात जगा हुआ था और और इंटरनेट राउटर ऑन और ऑफ होता रहा। सीबीआई ने कहा कि जांच में पाया गया कि आरुषि के कमरे में हल्की सी आवाज भी तलवार के बेडरूम में सुनी जा सकती थी। 

No comments:

Post a Comment