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22 Jun 2018

मोदी सरकार की रिवाइज्ड टैक्स इन्फर्मेंट्स रिवॉर्ड स्कीम का मुरीद हुआ चीन: नई दिल्ली


नई दिल्ली। बेनामी संपत्तियों और टैक्स चोरी पर शिकंजा कसने के लिए मोदी सरकार की रिवाइज्ड टैक्स इन्फर्मेंट्स रिवॉर्ड स्कीम का चीन भी मुरीद होता दिखाई दे रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में लिखा है कि बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी की जानकारी देने वाले को भारत की तरह भारी-भरकम इनाम देने की व्यवस्था से चीन को भी सीख लेनी चाहिए। भारत ने इस योजना के तहत सूचनादाता को 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक के इनाम की व्यवस्था की गई है।ग्लोबल टाइम्स के इस लेख का शीर्षक ही है कि चीन भारत के टैक्स मुखबिरी इनाम की व्यवस्था से सीख सकता है। इस लेख में भारत में अपनाई गई इनाम व्यवस्था का जिक्र करते हुए बताया गया है कि चीन में यह रकम उतनी नहीं है। लेख के मुताबिक चीन में इस तरह की मुखबिरी के लिए अधिकतम इनाम 1 लाख युआन (करीब 10 लाख 44 हजार रुपये) है। चीन में लोगों को अपने वास्तविक नाम से सूचना देने की बाध्यता है, जबकि भारत में जानकारी देने वाले शख्स की पहचान को गुप्त रखने की व्यवस्था है। 
लेख में कहा गया है कि भारत से सीखते हुए चीन इस इनाम राशि को बढ़ा सकता है। यह भी कहा गया है कि मुखबिरी करने वाले की सूचना और उसकी निजी सुरक्षा की व्यवस्था भी किए जाने की जरूरत है। हालांकि इस बात की भी ताकीद की गई है कि टैक्स चोरी के संदर्भ में केवल मुखबिरों की सूचना पर भरोसा करना सही नहीं है। यह केवल सेकंडरी ऑप्शन हो सकता है। लेख के मुताबिक टैक्स व्यवस्था को प्रभावशाली बनाने और इनकम गैप को कम करने के लिए टैक्स रिफॉर्म के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत है।आपको बता दें कि भारत में बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा कसने के लिए वित्त मंत्रालय ने एक करोड़ रुपये का इनाम देने की योजना शुरू की है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति बेनामी प्रहिबिशन यूनिट्स में जॉइंट या अडिशनल कमिश्नर के समक्ष किसी ऐसी संपत्ति के बारे में जानकारी देता है तो उसे यह इनाम मिलेगा। वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक ऐसी संपत्ति की जानकारी इनकम टैक्स विभाग के इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टोरेट को देनी होगी। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति को विभाग की ओर से 5 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। 
बेनामी ट्रांजैक्शंस इन्फर्मेंट्स रिवॉर्ड स्कीम, 2018 के तहत यह राशि सूचना देने वाले को दी जाएगी। हाल ही में सरकार ने 1988 के बेनामी ऐक्ट को संशोधित कर बेनामी ट्रांजैक्शंस ऐक्ट, 2016 पारित कराया है। अब बेनामी संपत्तियों की खोज में लोगों के सहयोग को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह इनामी योजना घोषित की है। मंत्रालय के मुताबिक इस स्कीम का लाभ विदेशी नागरिक भी उठा सकते हैं। बेनामी संपत्तियों के बारे में जानकारी देने वाले शख्स की पहचान को गुप्त रखा जाएगा और पूरे मामले में सख्ती से गोपनीयता का पालन किया जाएगा। यही नहीं सरकार ने इनकम टैक्स चोरी के मामलों को उजागर करने के लिए भी 50 लाख रुपये की इनामी योजना का ऐलान किया है। 

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