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14 Jun 2018

हिमाचल कॉन्स्टेबल भर्ती 2016 में गड़बड़ी का खुलासा, फिजिकल टेस्ट में फेल हुए पास : हिमाचल प्रदेश


शिमला। हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद डीजीपी हेडक्वॉर्टर से कराई गई विभागीय जांच में यह बात सामने आई है। जांच में पता चला है कि 2016 की कॉन्स्टेबल भर्ती के दौरान फिजिकल टेस्ट के पैमाने पर खरा नही उतरने के बावजूद कुछ कैंडिडेट्स को पुलिस अधिकारियों ने अपनी पहुंच के जरिए पास करा दिया।प्रदेश के डीजीपी एसआर मरडी ने विभागीय जांच की बात पर मुहर लगाई है। अब इस मामले में घेरे में आए अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की तैयारी है। वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में 1200 पुरुष और 300 महिला कॉन्स्टेबलों के पद के लिए भर्ती निकाली गई थी। 15 मार्च, 2016 तक आवेदकों के आवेदन स्वीकार किए गए। अलग-अलग जिलों में इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हुई। 
कॉन्स्टेबल के लिए शारीरिक दक्षता के तहत लंबाई और सीने की नाप जैसी न्यूनतम अर्हताएं निर्धारित की गई थीं। बताया जा रहा है कि जांच में पता चला कि शिमला और ऊना जिले में भर्ती के दौरान अनियमितता बरती गई। फिजिकल टेस्ट क्लियर नहीं करने के बावजूद यहां कुछ कैंडिडेट्स को भर्ती में पास कराया गया। यही नहीं प्रशिक्षण के बाद कॉन्स्टेबल के पद पर ऐसे कुछ कैंडिडेट्स की तैनाती भी हो गई।इस मामले में हाई कोर्ट में अपील करते हुए कुछ आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी। अदालत के निर्देश पर जब दोबारा फिजिकल टेस्ट हुआ, तो कई सफल कैंडिडेड्स अनफिट पाए गए। इसी दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चुनाव के बाद जयराम ठाकुर की अगुआई में बीजेपी की सरकार आई। जयराम सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस गड़बड़झाले में शामिल कुछ पुलिस अफसरों पर गाज गिर सकती है। वहीं, फिजिकल टेस्ट करने वाले डॉक्टर भी मुश्किल में पड़ सकते हैं। 

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