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21 May 2018

आईएएस अधिकारी बी चन्द्रकला की याचिका खारिज, चलेगा मुकदमा : इलाहाबाद


इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आईएएस अधिकारी और पूर्व में इलाहाबाद के फूलपुर तहसील की एसडीएम रहीं बी चन्द्रकला और सांवडीह की आसमां बीबी और उनके परिवार की तरफ से आपराधिक केस में समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। यही नहीं, कोर्ट ने समनिंग ऑर्डर पर लगी रोक भी समाप्त कर दी है। एसडीएम, तहसीलदार और अन्य कई अधिकारियों सहित आसमां बीबी पर मिलीभगत से फर्जी रिपोर्ट के जरिए विपक्षी अनंती देवी के घर को जाने वाले रास्ते को खत्म करने का आरोप है, जिसे लेकर विपक्षी ने विशेष मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट इलाहाबाद के समक्ष मुकदमा दायर किया है। 
जस्टिस यू.सी श्रीवास्तव ने आईएएस बी चन्द्रकला और आसमा बीबी की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है। याचियों की तरफ से कोई अधिवक्ता कोर्ट में नहीं आया, जिस पर एक पक्षीय आदेश से याचिका खारिज कर दी गई। विपक्षी के अधिवक्ता का कहना है कि सांवडीह गांव में रास्ते के विवाद को लेकर अनंती देवी ने सिविल वाद दायर किया। 1996 में उनके पक्ष में डिक्री हो गई, जिसके खिलाफ आसमां बीबी ने प्रथम अपील दाखिल की, वह भी खारिज हो गई। तब हाई कोर्ट में द्वितीय अपील दाखिल हुई। यह अपील भी अदम पैरवी में खारिज हो चुकी है। 
2011 में आसमां बीबी ने एसडीएम को पत्र लिखकर शिकायत की कि प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित है और विपक्षियों ने जबरन विवादित जमीन पर रास्ते का निर्माण कर लिया है, इस पर एसडीएम ने रिपोर्ट मंगाई। लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि रास्ता कभी था ही नहीं। इस पर एसडीएम बी चन्द्रकला ने रास्ते को ध्वस्त कराकर समाप्त कर दिया और कहा कि जमीन आसमां बीबी की है। इस कार्रवाई को लेकर अनंती देवी ने धारा 156 (3) के तहत अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए समन जारी किया था। 

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