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15 Mar 2018

अतिकम वजन के बच्चों की संख्या शून्य की जा सकती है : कलेक्टर लवानिया


सीमा कैथवास (होशंगाबाद)। कलेक्ट्रेट रेवा सभाकक्ष में कलेक्टर अविनाश लवानिया की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत मीडियाकर्मियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री लवानिया ने कहा कि होशंगाबाद जिले में कुपोषण को खत्म करने के लिए सराहनीय काम किया जा रहा है। अटल बाल पालक अभियान के अंतर्गत समाज के प्रबुद्ध लोगों तथा मीडिया का सहयोग प्रशासन को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण मिशन के अंतर्गत मप्र के 51 में से 38 जिलों का चिन्हांकन किया गया है। इस सूची में होशंगाबाद नहीं हैं। यह दर्शाता है कि होशंगाबाद प्रदेश के सुपोषित जिलों में से है। इसके बावजूद अभी भी जिले में लगभग 2197 अतिकम वजन के बच्चे हैं। अगर हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो इस संख्या को शून्य करना भी असंभव नहीं हैं।  बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत गर्भवती माताओं को 5 हजार रूपए की राशि दी जाएगी जिससे वे अपने खान-पान पर ध्यान दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती महिला की चिकित्सीय जाँच आवश्यक है। इसलिए इस योजना के अंतर्गत यह प्रावधान हैं कि 2 हजार रूपए की द्वितीय किश्त कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच के बाद ही प्रदान की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि मीडिया के माध्यम से इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिले में हिरण्यगर्भा अभियान के अंतर्गत हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए प्रशंसनीय कार्य किया जा रहा है। इसे और अधिक सफल बनाने के लिए मीडिया एवं समाज का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर आपकी जानकारी में कोई भी हाईरिस्क गर्भवती महिला है तो उसे प्रशासन के संज्ञान में अवश्य लाएं जिससे उसे उचित उपचार प्रदान किया जा सके। उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा अपने पचमढ़ी प्रवास के दौरान दिए गए उद्बोधन का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती हैं। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला पूरे परिवार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह ध्यान देना आवश्यक है कि मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली राशि का उपयोग महिला के खान-पान तथा उपचार पर ही व्यय की जाए जिससे उसका बच्चा स्वस्थ जन्म ले।   कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आय का कोई बंधन नहीं हैं। योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिला को आंगनबाडी केन्द्र में पंजीकरण कराना होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके चतुर्वेदी ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में पिं्रट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि  एवं अटल बाल पालक उपस्थित रहे। 

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