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15 Jun 2019

यमुना में नहाने गए तीन युवक नदी में डूबे, गोताखोर की मदद से तलाश में जुटी पुलिस

गाजियाबाद। यमुना में नहाने गए दो भाइयों समेत तीन युवक बह गए। उनके साथ गए एक पड़ोसी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर घटना की सूचना दी। दिल्ली और यूपी पुलिस गोताखोरों की मदद से तीनों को खोजने में जुटी है। युवकों का सुराग न लगने से परिवार के लोग चिंतित हैं। गिरी मार्केट कालोनी में ओमपाल परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार दोपहर उनके बेटे शिवा (23) व विपिन (19) अपने फुफेरे भाई मोहित (19) निवासी चंद्रलो दिल्ली व पड़ोसी आसिफ (28) के साथ बदरपुर गांव के पास यमुना में नहाने के लिए गए थे। शाम करीब चार बजे अचानक मोहित, विपिन और मोहित पानी में बह गए। अचानक विपिन का पैर फिसल गया। उसने बचाव के लिए पुकारा तो शिवा उन्हें बचाने के लिए यमुना में कूद गया। वह उसे बचाने का प्रयास करते हुए खुद भी बहने लगा। तभी मोहित दोनों को बचाने के लिए पहुंचा। तीनों पानी में बहते चले गए। इस पर आसिफ ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन तीनों पानी में बह गए। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को एकत्र किया।
साथ ही घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना पर पहुंची थाना बुराड़ी दिल्ली पुलिस ने गोताखोरों को मौके पर बुलाया। करीब साढे़ छह बजे से गोताखोरों ने उन्हें तलाशना शुरू किया। लेकिन रात साढ़े नौ बजे तक गोताखोर तीनों को नहीं खोज सके थे। ट्रॉनिका सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक सुभाष प्रताप सिंह का कहना है कि सूचना पर पुलिस टीम को रवाना किया गया था लेकिन मामला दिल्ली क्षेत्र का पाया गया। दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर चुकी थी। तीनों युवकों के डूबने से परिवार के लोग चिंचित हैं। जानकारी मिलने पर सभी के परिजन मौके पर पहुंच गए। उधर, कालोनी के लोग भी उनके सकुशल बाहर निकलने की दुआ कर रहे हैं। आरोप है कि यमुना में लगातार हुए अवैध खनन से वहां नहाते समय पैर रेत में धंस जाते हैं। इससे लोगों को जान से हाथ धोने पड़ता है।

डीएम के आदेश बेअसर, पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के मिल रहा पेट्रोल

गाजियाबाद। डीएम रितु माहेश्वरी ने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट व सीटबेल्ट के पेट्रोल नहीं दिए जाने के नियम को सख्ती से लागू किया जाए।  इसके लिए बकायदा बोर्ड लगवाएं जाएं। पंप पर हेलमेट, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। जनपद के बॉर्डर पर भी यातायात नियमों के पालन करने के लिए बोर्ड लगवाए जाएं। लेकिन डीएम के इन आदेशों का पेट्रोल पंप संचालकों पर कोई असर नहीं हो रहा है। शनिवार को पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को पेट्रोल आसानी से मिल गया। बता दें कि डीएम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
बैठक में 17 से 22 जून तक मनाए जाने वाले सड़क सुरक्षा सप्ताह के कार्यक्रम पर विचार विर्मश किया गया। एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि 17 से 22 जून तक सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाया जाएगा। पहले दिन 17 जून को गुरूकुल स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें परिवहन विभागए यातायात पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई के अधिकारी व व्यवसायिक वाहन चालक तथा स्कूली छात्र मौजूद रहेंगे। 21 जून को सरकारी अस्पतालों में चालकों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। 22 जून को शहर में हापुड़ चुंगी से मोहनगर तक दस किलोमीटर की यातायात जागरूकता बाइक रैली निकाली जाएगी। बैठक में मुख्य सीडीओ, आरटीओ व अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था।

सिख दंगा मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भी जांच कर सकेगी एसआइटी

नई दिल्ली। सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि वर्ष 1984 के सिख दंगा मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एसआइटी अब उन मामलों की भी जांच कर सकेगी, जो मामले या तो बंद हो चुके हैं या फिर उनका ट्रायल पूरा हो गया है। हालांकि, उन्हीं मामलों को जांच के लिए फिर से खोला जा सकेगा, जिसमें कोई नया साक्ष्य सामने आया हो। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह आदेश डीएसजीपीसी की मांग पर दिया है। डीएसजीपीसी कार्यालय में एक प्रेसवार्ता मे सिरसा ने बताया कि गृह मंत्रालय के इस आदेश के बाद अब एसआइटी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भी जांच कर सकेगी, क्योंकि सिख दंगों में कमलनाथ के शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। सिरसा ने बताया कि एक पत्रकार संजय सूरी ने दो नवंबर 1984 के अंक में घटना की खबर छापी थी। उन्होंने कहा कि डीएसजीपीसी के कर्मचारी मुख्तार सिंह ने उस समय हुआ दंगा अपनी आंखों से देखा था। इसके बावजूद गांधी परिवार 35 वर्षो तक कमलनाथ को बचाता रहा और कोई जांच तक नहीं होने दी गई।
सिरसा ने एसआइटी से मांग की है कि सिख दंगों में दर्ज एफआइआर संख्या 601/84 में कमलनाथ का भी नाम शामिल किया जाए और उनको गिरफ्तार किया जाए।सिरसा ने कहा कि एक नंवबर 1984 को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई एफआइआर में पांच दोषियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई थी, लेकिन कमलनाथ को जानबूझकर छोड़ दिया गया था। पांचों दोषियों की रिहायश का पता कमलनाथ के रिहायश के पते वाला ही पाया गया था। सिरसा ने बताया कि वर्ष 2018 में एसआइटी के समक्ष जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया था तो उसने इस मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दिसंबर 2018 में पत्र लिखकर कमलनाथ के मामले पर कार्रवाई की मांग की थी। पत्र का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कमलनाथ के मामले की जांच करने के साथ ही एसआइटी के जांच के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने सीए के छात्र की हत्या का किया सनसनीखेज खुलासा

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सीए के छात्र चंदन के अपहरण और उसकी हत्या का दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने चंदन (26) की हत्या में उसके पुराने जानकार और ड्राइवर अंकित को गिरफ्तार किया है। आरोपित अंकित की गिरफ्तारी में उसकी शर्ट की अहम भूमिका रही, जिसे पहनकर वह एटीएम से पैसे निकालने गया था। पूरा मामला पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके का है और इसमें पुलिस ने आरोपित अंकित के साथ उसके दोस्त श्याम को भी गिरफ्तार किया है। दरअसल, दिल्ली पुलिस के पास सीए के छात्र चंदन के अपहरण और फिर हत्या का मामला सामने आया था। माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ। दरअसल, चंदन सीए का छात्र होने के साथ कैब ड्राइवर भी था और खुद की कार होने के चलते एक शिफ्ट में खुद तो दूसरी शिफ्ट में उसने कार चलाने के लिए अंकित को ड्राइवर रखा हुआ था। कुछ दिन तक चंदन की कार चलाने के बाद अंकित ने उसकी नौकरी किन्हीं कारणों से छोड़ दी। मिली जानकारी के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के बावजूद दिखावे के तौर पर चंदन और अंकित के संबंध अच्छे थे। यही वजह थी कि अंकित ने चंदन को नौकरी छोड़ने की फेयरवेल में बुलाया था। 
15 मई को अंकित के लिए रखी गई फेयरवेल पार्टी में चंदन भी गया था। इसी फेयरवेल पार्टी में फिरौती के लिए चंदन का अंकित ने अपहरण कर लिया।अपहरण के बाद फोन कर अंकित और उसके दोस्त श्याम ने चंदन को छोड़ने की एवज में 5 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद चंदन के घरवालों ने भेजे गए बैंक अकाउंट में डाल दिए। वहीं, पैसे आते ही अंकित और श्याम ने सारे पैसे निकाल लिए और फिर कौशांबी (गाजियाबाद) में चंदन की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर पुलिस से बचने के लिए चंदन के शव को नोएडा में फेंक दिया। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने की कड़ी में चंदन की कार को मुरादनगर (गाजियाबाद, मुरादनगर) में छोड़ दी। पैसे देने के बाद चंदन के घरवालों को पूरा यक़ीन था कि अपहरणकर्ता फिरौती देने के बाद चंदन को छोड़ देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर चंदन के घरवालों ने शकरपुर थाने में शिकायत दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित अंकित और उसके दोस्त श्याम ने दो बड़ी गलतियां कीं। पहली तो यही कि उन्होंने फिरौती की रकम बैंक अकाउंट में मंगवाई फिर एटीएम से पैसे निकाले। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो सीसीटीवी फुटेज से आरोपित अंकित पर शक गहरा गया। दरअसल, अंकित का सुराग उसकी शर्ट से मिला, जिसे पहनकर वह एटीएम से पैसे निकालने गया था। इसके बाद पुलिस ने अंकित को गिरफ्तार कर पूरे मामला का पर्दाफाश कर दिया।

फर्जी पॉलिसी करने के नाम पर लोगों से की लाखों की ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़े दो आरोपित

गुरुग्राम। गुरुग्राम में पॉलिसी बाजार के नाम पर फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों से पॉलिसी करने के नाम पर पैसे ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से धोखाधड़ी में प्रयोग किए गए मोबाईल फोन, लैपटॉप, कॉलिंग डाटा, अन्य दस्तावेज और लोगों से ठगी गई कुछ राशि भी बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपित फर्जी पॉलिस करके लोगों को व्हाट्सएप और ईमेल पर पॉलिसी की रिसीप्ट देते थे। पूछताछ में आरोपितों ने इस तरह की सैकड़ों वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।

खुद को एसीपी देता था धोखा, महिला से दुष्कर्म भी किया

ऩई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देता था। इतना ही नहीं, 26 वर्षीय पियूष प्रिया नाम का यह शख्स पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में दुष्कर्म के मामले में भी आरोपित है। पियूष ने सोशल मीडिया पर खुद को एसीपी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के रूप में दर्शाया है। उसके पास से कई फर्जी आईडी और स्टांप भी बरामद हुए हैं।

इंजिनियर की दिलेरी और समझदारी ने रोकी लूट, लुटेरों ने ली जान

परिवार के साथ सैम्युअल (बाएं), फाइनैंस कंपनी का ऑफिस (दाएं)
नासिक। नासिक में एक फाइनैंस की उंतावाड़ी ब्रांच में लूट की कोशिश करने वाले 6 लोगों को 29 साल के आईटी इंजिनियर एम साजू सैम्युअल ने अपनी बहादुरी के दम पर भागने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, भागने से पहले गुस्साए लुटेरों ने सैम्युअल को तीन गोलियां मार दीं जिससे उनकी जान चली गई। केरल के सैम्युअल नवी मुंबई के नेरुल में अपनी पत्नी और 10 महीने के बच्चे के साथ रहते थे। उनकी मां केरल में ही रहती हैं। नासिक पुलिस कमिश्नर विश्वास नंगारे-पाटिल ने बताया है कि इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों के चेहरे साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस को शक है कि बिना स्थानीय सहायता के वारदात को अंजाम देना मुश्किल है। पाटिल ने दावा किया है कि जल्द ही केस को सुलझा लिया जाएगा।लुटेरे तीन मोटरसाइकलों पर आए थे। रिवॉल्वर लहराते हुए वह पहली मंजिल पर स्थित ऑफिस के अंदर दाखिल हुए। इससे पहले की सैम्युअल तक वे पहुंचते, सैम्युअल ने अलार्म बजा दिया।
लुटेरों को ब्रांच मैनेजर चंद्रशेखर देशपांडे को पीटता देख वह उन्हें बचाने के लिए कूद पड़े। लुटेरे देशपांडे से उस स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी मांग रहे थे जहां कैश और सोना रखा था। सैम्युअल उनसे जाकर भिड़ गए जिसपर एक लुटेरे ने उन्हें तीन गोलियां मार दीं।सैम्युअल को जमीन पर गिरा देख वे डर गए और बिना कुछ लूटे भाग गए। सैम्युअल को फौरन नासिक सिविक अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पाटिल ने सैम्युअल को एक बहादुर इंसान बताया है। उन्होंने इस हादसे में उनकी जान जाने पर दुख व्यक्त किया है। पुलिस ने बताया कि लुटेरे मराठी में बात कर रहे थे। शक है कि उन्होंने पहले ही इलाके की रेकी कर कर ली थी।