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21 Oct 2018

भीलवाड़ा जिले में नरबलि? जानें क्या है सच्चाई : राजस्थान

भीलवाड़ा। नवरात्र विसर्जन के मौके पर एक बच्चे की बलि देकर उसके सिर को पूरे गांव में घुमाने का एक विडियो सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रहा है। इस विडियो में लोग एक बच्चे के कटे सिर को थाली में रखकर जुलूस निकालते दिख रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर इसे नरबलि बताकर लगातार शेयर कर रहे हैं। इस विडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। विडियो के बारे में जानकारी जुटने के बाद राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस मामले में सफाई दी है। अपने ट्वीट में राजस्थान पुलिस ने लिखा है, ‘सोशल मीडिया पर भीलवाड़ा जिले में बच्चे की बलि देकर गांव में जुलूस निकालने के विडियो में मनोरंजन को अंधविश्वास का रूप देकर भ्रमित किया गया। वास्तव में यह हर वर्ष की भांति नवरात्रि में जादू करतब से मनोरंजन का नाटकीय रूप है। ग्राम खाखला के कार्यक्रम को गलत तरीके से वायरल किया गया है।' जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना स्थित खाखला गांव में हर साल नवरात्र के आखिरी दिन विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जादू-टोने के लिए मशहूर खाखला गांव में दशहरे के मौके पर हर साल गांव वाले जवारा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकालते हैं। इस साल भी गांव में शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई थी। इस दौरान चारपाई पर कथित तौर पर एक थाली में बच्चे का कटा हुआ सिर रखा हुआ था। वहीं जुलूस में आगे चल रहे एक व्यक्ति ने तलवार पकड़ रखी है, जिसपर खून लगा हुआ है। विडियो में यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग भी मौजूद दिख रहे हैं। 
भीलवाड़ा पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से एक फोटो भी ट्वीट किया है, जिसमें बताया गया है कि विडियो में दिख रहा बच्चा जिंदा है। फोटो में विडियो की तारीफ 18 अक्टूबर और बच्चे की ताजा तस्वीर 20 अक्टूबर की बताई गई है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि विडियो में दिखाए गए बच्चे को कुछ नहीं हुआ है और वह पूरी तरह से स्वस्थ और जिंदा है।इस विडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच की, जिसमें पूरा मामला फर्जी पाया गया। पुलिस का कहना है कि नरबलि के बजाए ट्रिक दिखाते हुए च्चे का सिर थाली में रखा गया था। इस मामले में जब एनबीटी ऑनलाइन की ओर से भीलवाड़ा के एसपी ऑफिस से बात की गई तो जवाब मिला, 'नरबलि की बात सरासर झूठ है। यह सब ट्रिक के अलावा और कुछ नहीं है। इसपर हमारी ओर से स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है।' 

सिपाही से राइफल की सफाई करते समय चली गोली, 3 घायल : मध्य प्रदेश

खंडवा। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव और त्योहारों के मद्देनजर यहां अस्थायी तौर पर शिविर कर रही रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक सिपाही से शस्त्र पूजन के लिए राइफल की सफाई के दौरान चली गोली से आरएएफ के तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इनमें से गंभीर रूप से घायल एक जवान को इलाज के लिए इंदौर के अस्पताल में रेफर किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक रुची वर्धन मिश्रा ने बताया कि आरएएफ की एक बटालियन यहां दादाजी भक्त निवास में ठहरी हुई है। दशहरे के मौके पर होने वाली शस्त्र पूजा के लिए आरएएफ का एक जवान अपनी राइफल साफ कर रहा था, तभी उससे चली एक गोली से तीन आरएएफ कर्मी घायल हो गये। घायलों में आरएएफ का एक उपनिरीक्षक, एक हवलदार और एक सिपाही शामिल है। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद तीनों घायलों का खंडवा जिले में प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद उच्च अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और प्रारंभिक जांच में यह सामने आया आरएएफ कर्मी से असावधानीवश गोली चली और उसके तीन दूसरे सहकर्मी इस हादसे में घायल हो गए। आरएएफ और खंडवा पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

मामूली विवाद पर गार्डों ने घेरकर डंडों से पीटा : ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोज संपूर्णम सोसायटी में बाहर से गेट लाने पर हुए विवाद में गार्डों ने फ्लैट मालिक को बुरी तरह पीटा। सोसायटी में रहने वाले दिनेश कौशिक ने किचन में लगाने के लिए गेट मंगाया था। गार्ड ने गेट सोसायटी में अंदर लाने से रोक दिया। दिनेश के जीएम से बात करने पर बिल्डर के लोगों ने उसे डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मामले की शिकायत बिसरख कोतवाली में की गई है। पीड़ित दिनेश कौशिक नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजिनियर हैं। वह सोसायटी के टावर-बी में तीन महीने पहले ही परिवार के साथ शिफ्ट हुए हैं। दिनेश ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने किचन में लगाने के लिए ऐल्युमिनियम गेट का ऑर्डर दिया था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे कारीगर गेट लेकर आया। सोसायटी में तैनात गार्ड ने कारीगर को अंदर आने से मना कर दिया। उसने दिनेश को कॉल कर सोसायटी बुलाया। वहां पहुंचकर दिनेश ने गार्ड से गेट को अंदर लाने देने के लिए कहा। दिनेश के मुताबिक, गार्ड ने उनकी बात नहीं सुनी। इस पर उन्होंने सोसायटी के जीएम से फोन पर बात की। आरोप है कि जीएम ने भी उनसे बदसलूकी की। विवाद बढ़ता देख चार-पांच गार्डों ने मारपीट शुरू दी। यह सारी घटना मेन गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मारपीट में दिनेश के कपड़े फट गए और काफी चोट भी आई। 
पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच की जा रही है। -निशांक शर्मा, सीईओ-3, ग्रेनो 

जीडीए की लापरवाही से नाले में गिरी बच्ची, मौत : गाजियाबाद

गाजियाबाद। जीडीए की लापरवाही के कारण दशहरा के दिन एक मां का आंचल सूना हो गया। इंदिरापुरम की पिनाकल सोसायटी के बाद शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे नाले में गिरने से 11 साल की प्रियंका की मौत हो गई। बच्ची के नाले में गिरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन 14 घंटों की मशक्कत के बाद भी प्रियंका को नहीं बचाया जा सका। पानी का वेग इतना तेज था कि प्रियंका की लाश घटनास्थल से 20 मीटर की दूरी पर मिली है। इस दौरान पुलिस, एनडीआरएफ और फेडरेशन ऑफ एओए के आला अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे, लेकिन जीडीए का एक भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित पिता संतोष ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ शुक्रवार रात रामलीला ग्राउंड से मेला देखकर लौट रहे थे। सड़क पर भीड़ अधिक थी इसलिए प्रियंका ने ही सड़क किनारे चलने को कहा था। जैसे ही वह पिनाकल टावर के पास दीवार के पीछे पाइप पर चढ़े उनकी बेटी का पैर फिसला और नाले में गिर गई। बेटी को बचाने के लिए भी नाले में कूदे, लेकिन बहाव अधिक होने के कारण वह प्रियंका का नहीं बचा सके और खुद जैसे-तैसे बाहर निकल आए। सड़क पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खड़े सिपाही से उन्होंने मदद मागी, जिसके बाद पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। संतोश ने बताया कि प्रियंका उनकी सबसे बड़ी बेटी थी, उन्हें खुले नाले का थोड़ा भी पता होता तो वह इस रास्ते से आते ही नहीं। 
मुझे रात 10:40 पर घटनाक्रम की सूचना हुई। हमने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। घबराहट की वजह से मृतक बच्ची के पिता बोलने की स्थिति में नहीं थे, उसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाकर रेस्क्यू शुरू किया गया। शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की बॉडी निकाल ली गई। बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी गई है। परिवार की ओर से यदि कोई लिखित शिकायत मिलेगी तो पुलिस कार्रवाई करेगी। -रवि कुमार, सीओ, इंदिरापुरम 

पत्नी का मर्डर कर थाने में किया सरेंडर : नई दिल्ली

नई दिल्ली। 'सर! मैंने अपनी पत्नी का मर्डर कर दिया है।' कमला मार्केट थाने में पहुंचे एक शख्स ने जब पुलिस वालों से ये कहा तो सुनकर सब चौंक गए। एक बार को लगा कि आरोपी मानसिक रोगी है। लेकिन तस्दीक करने के लिए पुलिस जब उसके साथ घटनास्थल पहुंची तो महिला का शव देखकर हैरत में पड़ गई। वारदात कमला मार्केट इलाके की है। शुक्रवार देर रात पति ने चरित्र पर शक के चलते पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद 2 साल की बेटी को लेकर करीब 24 घंटे तक कमरे में लाश के साथ रहा। बाद में शनिवार देर रात कमला मार्केट थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आरोपी पति कामिल बेग को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान रेशमा (22) के रूप में हुई है। आरोपी कामिल दो साल की बेटी और पत्नी रेशमा के साथ कमला मार्केट के शकूर की डंडी में किराए के मकान में रह रहा था। दोनों ने साल 2015 में अपने-अपने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। कामिल आंबेडकर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। शादी के बाद दोनों की एक बेटी हुई। जो कि अब दो साल की है। गिरफ्तार आरोपी कामिल ने खुलासा किया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। शुक्रवार शाम जब कामिल ड्यूटी से घर लौटा तो उसका पत्नी से फिर इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। जब पत्नी और बेटी सो गए तो उसने देर रात पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। वह रात भर वहीं लाश के पास बैठा रहा। बेटी बगल में सोती रही। सुबह होने पर वह बेटी को लेकर घर की कुंडी लगाकर बाहर निकल गया। इधर-उधर घूमता रहा, दोपहर करीब 3 बजे वह कमला मार्केट थाने भी गया, मगर बाहर से ही लौट आया। 
बेटी रो रही थी, भूखी प्यासी थी। बेटी को कुछ चीजें खाने के लिए दीं। शनिवार देर रात 1.45 बजे कामिल ने कमला मार्केट थाने में जाकर पत्नी की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लिया। जिसके बाद एसएचओ कमला मार्केट सुनील कुमार ढाका ने उसकी निशानदेही पर शव को बरामद किया। मृतका रेशमा के परिजन कमला मार्केट इलाके में ही रहते हैं। उन्होंने आरोपी कामिल और उसके परिजनों पर बेटी की दहेज हत्या का आरोप लगाया है।पुलिस ने इस संबंध में दहेज हत्या के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पुलिस ने दो साल की मासूम बच्ची को मृतका की मां को देने की पेशकश की। जिसे बच्ची की नानी ने ठुकरा दिया। जिसके बाद वजीराबाद में रहने वाली बच्ची की दादी ने उसकी कस्टडी ली है। 

घुसपैठ कर रहे 2 आतंकी ढेर, 3 जवान शहीद : जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर। भारतीय सीमा पर एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की नाकाम कोशिश की गई है। रविवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी सेक्टर में घुसपैठ करते दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। हालांकि इस दौरान तीन भारतीय जवान भी शहीद हुए हैं। उधर, एक जवान घायल भी हुआ है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। उधर, रविवार को ही कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया। वहीं मुठभेड़ खत्म होने के बाद हुए एक विस्फोट में तीन नागरिक भी मारे गए। जानकारी के मुताबिक रविवार दोपहर सुंदरबनी एलओसी के पास सुंदरबनी सेक्टर से पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो घुसपैठियों को मार गिराया। हालांकि इस दौरान तीन भारतीय जवानों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। उधर, मारे गए घुसपैठियों के पास से दो एके-47 राइफल बरामद की गई हैं। उधर, कुलगाम के लारनू में रविवार सुबह मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हुए हैं। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान कई स्थानीय लोग पुलिस के मना करने के बावजूद मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए थे। इसी दौरान यहां पर एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें 3 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस धमाके के बाद मौके पर पहुंचे सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने तत्काल घायल लोगों को धमाके की जगह से निकाला, जिसके बाद प्रशासन की मदद से इन्हें कुलगाम के स्थानीय अस्पताल में शिफ्ट किया गया। 

भारत-चीन युद्ध के 56 साल बाद मिला ग्रामीणों को जमीन का मुआवजा : अरुणाचल प्रदेश

बोमडिला। भारत-चीन युद्ध (1962) के 56 साल बाद अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीणों को उनकी जमीन का मुआवजा मिला है। मुआवजे के तौर पर उन्हें करीब 38 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दरअसल, सेना ने अपने बंकर और बैरक आदि बनाने के लिए इन ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण किया था।  केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को पश्चिमी खेमांग जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुआवजे की राशि के चैक सौंपे। रिजिजू ने बताया, 'ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह सामुदायिक भूमि थी, इसलिए उन्हें जो रकम मिली है उसे ग्रामीणों के बीच बांटा जाएगा।' बता दें कि 1962 की युद्ध के बाद सेना ने अपना बेस, बंकर, बैरक, सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों के लिए काफी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण किया था। पश्चिमी खेमांग जिले में अप्रैल 2017 में तीन गांवों के 152 परिवारों को 54 करोड़ रुपये बांटे गए थे। पिछले वर्ष सितम्बर में ग्रामीणों को 158 करोड़ रुपये की एक अन्य किश्त दी गई। यह राशि उनकी निजी जमीन के एवज में दी गई थी। उनकी जमीन का अधिग्रहण सेना ने किया था।फरवरी 2018 में त्वांग जिले में 31 परिवारों को 40.80 करोड़ रुपये दिए गए। अरुणाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के लंबित मामले तवांग, पश्चिमी खेमांग, ऊपरी सुबनसिरी, दिबांग घाटी और पश्चिमी सियांग जिलों के थे।